प्रदेश में एक बारगी फिर से कोरोना के मामलों में तेजी से बढोतरी हो रही है

PALI SIROHI ONLINE

प्रदेश में एकबारगी फिर से कोरोना के मामलों में तेजी से बढोतरी हो रही है। वहीं भरतपुर में भी कोरोना अपने पैर पसारते दिख रहा है।

सोमवार को कोरोना ने प्रदेश में पिछले कई महीनों का रिकार्ड तोड दिया
और 2429 मामलों ने तो जता दिया कि अब बिना सख्ती के काम चलने वाला नहीं है। वहीं भरतपुर में पिछले कई महीनों के बाद एक बार फिर कोरोना विष्फोट देखा गया और एक ही दिन में 25 कोरोना पाॅजेटिव मामले आ गए जिन्है मिलाकर
जिले के एक्टिव केसों की संख्या 74 पर पंहुच गई। पिछले कुछ दिनों से लगातार पाॅजेटिव मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। और इनका
सबसे बडा कारण माना जा रहा है लोगों के द्वारा कोरोना गाइडलाइनों के प्रति जमकर लापरवाही बरतना। मार्च माह में कोरोना के मामलों में कमी आने
पर लोग लापरवाह हो गए।

जबकि यही वह समय था जब देश के कुछ राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक देना शुरू कर दिया था। जिसे लेकर कुछ
राज्यों में आंशिक लाॅकडाउन भी लगाया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में लाॅकडाउन की आशंकाओं को सिरे से नकारा है। लेकिन कोरोना गाइडलाइनों की पालना कराने के लिए जिला कलक्टर को सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए है। वहीं कुछ जिलों में नाइट कर्फयू लगाया गया है। वहीं सभी जिलों के जिला कलक्टर को आदेश दिए गए है कि वह अपने जिलों की स्थिति
को देखते हुए स्वविवेक से फैसला लें। वहीं सरकार के द्वारा कोरोना के बढते मामलों को लेकर सरकार के द्वारा 6वीं कक्षा से 9 वीं कक्षा के बच्चैं के स्कूल, जिम, सिनेमाहाॅल बन्द करा दिए है। मार्च में भरतपुर
जिले में भी कोरोना नियत्रंण में आ गया था। कुछ दिनों तो ऐसा हाल रहा कि एक भी कोरोना पाॅजेटिव मरीज जिले में नहीं आ रहा था। जिससे जिला प्रशासन
एवं स्वास्थ्य विभाग भी राहत की सांस ले रहा था। लेकिन इसका असर यह हुआ कि लोगों ने मानना शुरू कर दिया कि अब कोरोना का असर खत्म हो चुका है।
वहीं कोरोना जनवरी माह से लगातार कोरोना वैक्सीन के चरण जारी है। जहां पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, फ्रन्टलाइन वर्करों, राजकीय
कर्मचारियों के वैक्सीनेशन का कार्य हो चुका है। वहीं एक अप्रैल से शुरू हुए नए चरण के तहत 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को कोरोना की
वैक्सीन लगाई जा रही है। जिससे लोग कोरोना के प्रति लापरवाह हो गए और प्रदेश में एकाएक कोरोना के मामले बढने लगे वहीं भरतपुर में भी कोरोना ने
एक बार फिर से अपनी आहट दे दी है। जिस पर एहतियातन जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने थोडी सख्ती दिखाते हुए बाजार के समय में कटौती की है। लेकिन इस बार चूक यह रही कि प्रशासन के द्वारा व्यापारियों से इस बारे में चर्चा नहीं की गई ना ही बाजार कटौती के समय में किसी प्रकार की घोषणा कराई गई। प्रशासन के आदेश के बाद शहर के सभी थानों के कोतवाल अपने अपने क्षेत्रों
में बाजार बन्द कराने के लिए पंहुच गए। वहीं कोरोना गाइडलाइन की गफलत बाजी के चलते शहर कोतवाल रामकिशन यादव एवं जिला महामंत्री नरेंद्र गोयल सहित अन्य व्यापारियों के बीच कहासुनी हो गई। जिस पर शहर कोतवाल रामकिशन
यादव ने व्यापारियों को बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा शाम साढे सात
बजे बाजार बन्द कराने के आदेश मिले है। इन्ही आदेशांे की पालना में बाजार
बन्द कराए जा रहै है। वहीं व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों का का दावा था
कि शहर के बाजार के समय में कटौती को लेकर जिला कलेक्टर नथमल डिडेल के
द्वारा व्यापारियों को किसी प्रकार का सन्देश नहीं दिया गया है। वहीं
अधिकतर व्यापारियों का कहना है कि सरकार के द्वारा सारी बन्दिशें
व्यापारी वर्ग पर लगाई जाती है। जिससे सरकार की बन्दिशों का सबसे ज्यादा
खामियाजा छोटे व्यापारियों को उठाना पडता है। व्यापारियों का कहना है कि
इस मन्दी के दौर में अपने कर्मचारियों के वेतन का इन्तजाम करना मुश्किल
हो रहा है। ऐसे में दिनों दिन कोरोना के बढते मामलों को लेकर व्यापारियों
को भी डर सताने लगा है कि कहीं सरकार के द्वारा उन्है लाॅकडाउन की और तो
नहीं ढकेला जा रहा। व्यापारियों का कहना है कि सरकार के द्वारा लगाए जा
रहै कर्फयू और लाॅकडाउन से कोरोना वायरस का प्रकोप अब काबू में नहीं आने
वाला। व्यापारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना
मरीजों के सम्पर्क में आने वाली लोगों की रेण्डम सैम्पलिंग कराई जानी
चाहिए। जिसके प्रति स्वास्थ्य विभाग लापरवाह साबित होता दिखाई दिया है।
उन्होने कहा कि कोरोना को रोकने बस अब एक ही उपाय है कि अधिक से अधिक
लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाए। लेकिन सरकार इसमें भी धीमी चाल चल
रही है। अगर आगामी एक माह में प्रदेश की आधी आबादी को कोरोना की वैक्सीन
नहीं लगाई जाती है तो कोरोना की दूसरी लहर को रोकना मुश्किल होगा।