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पाली-अवैध बजरी खनन माफियाओं के विरूद्ध पाली पुलिस की कार्यवाही ऑपरेशन गुप्त के तहत पुलिस थाना खिंवाड़ा द्वारा कार्यवाही एक प्रकरण दर्ज कर मुलजिम को गिरफ्तार किया जाकर एक ट्रेक्टर मय ट्रॉली अवैध बजरी से भरी हुई को जब्त किया गया।पाली पुलिस द्वारा ऑपरेशन गुप्त के तहत आगे भी निरन्तर की जायेगी कार्यवाही।जिला पुलिस अधीक्षक महोदय आदर्श सिधू आई.पी.एस. ने बताया कि जिले में चलाये जा रहे “ऑपरेशन गुप्त” के तहत दिनांक 17.01.2026 को सूचना मिली कि पिलोवनी नदी से अवैध बजरी से भरा हुआ बिना नम्बरी ट्रेक्टर मय ट्रॉली सिवास गांव की तरफ आ रहा है, वगैरा ईत्तला पर सरहद पिलोवनी नदी के पास नाकाबन्दी की गई। दौराने नाकाबन्दी एक बिना नम्बरी ट्रेक्टर मय ट्रॉली के जिसमें बजरी भरी हुई आता हुआ दिखाई दिया। जिस पर ट्रेक्टर चालक को अवैध बजरी खनन के संबंध में अनुज्ञा पत्र के बारे में पूछा तो उक्त ट्रेक्टर चालक ने अपने ट्रेक्टर मय ट्रॉली में भरी अवैध बजरी के संबंध में खनन विभाग द्वारा कोई लाईसेंस एवं अनुज्ञापत्र, वाहन के दस्तावेज व वाहन चालक के लाईसेंस बाबत् पुछा तो वाहन चालक के पास अपना लाईसैंस व वाहन के कोई भी कागजात एवं खनन विभाग के संबंध में कोई लाईसेंस एवं अनुज्ञापत्र नहीं होना बताया। जिस पर उक्त अवैध बजरी से भरे ट्रेक्टर मय ट्रॉली को जब्त कर प्रकरण संख्या 16 दिनांक 17.01.2026 धारा 303 (2) बीएनएस व 4/21 खान एवं खनिज अधिनियम 1957 दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
गिरफ्तार मुलजिम :-
- गोविन्द मारू पुत्र जवानराम उम्र 40 साल पेशा मजदूरी निवासी रायपुरिया पुलिस थाना खिंवाडा जिला पाली
कार्यवाही टीम :-
- उगमराज सोनी निपु थानाधिकारी पुलिस थाना खिवाड़ा जिला पाली।
- राजेश कुमार स.उ.नि. पुलिस थाना खिवाड़ा जिला पाली।
- 3. ओमप्रकाश कानि 38 पुलिस थाना खिवाड़ा जिला पाली।
- मनीष कानि 729 पुलिस थाना खिवाड़ा जिला पाली।
आमजन से अपील आप से अनुरोध है कि ऑपरेशन “गुप्त व प्रहार
के सफल कियान्वयन हेतु अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, अवैध स्पा. सेन्टर, अवैध बजरी खनन व परिवहन, अवैध हथियार, हवाला, जुआ, सट्टा, ऑनलाईन बैटिंग, बिना नम्बरी / संदिग्ध वाहन सोशल मीडियापर हथियार सहित डराने व धमकाने की पोस्ट, रील डालना, अपराध व संदिग्ध व्यक्ति मनचले, रोमियों इत्यादि गतिविधियों की जानकारी बिना डरे, बिना झिझके दिये गये व्हाट्सअप नम्बर 9251255006 पर भेजें। सूचना कर्ता की पहचान गोपनीय रखी जायेगी। उक्त व्हाट्सअप नम्बर की मोनीटरिंग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रखी जायेगी।
