सीवरेज में स्कूटी गिरने के मामले में JEN सस्पेंड:जोधपुर जिला कलेक्टर के निर्देश पर FIR दर्ज, बोले- ठेकेदार ने नहीं रखा सेफ्टी का ख्याल
PALI SIROHI ONLINE
जोधपुर-जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र में सीवरेज मैनहॉल में स्कूटी सवार के गिरने के मामले ने जिला प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित JEN पीयूष अवस्थी को सस्पेंड कर दिया गया है और ठेकेदार के खिलाफ महामंदिर थाने में FIR दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने माना कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसे लेकर अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला कलेक्टर ने कहा कि ठेकेदार ने सीवरेज की सेफ्टी का ख्याल नहीं रखा।
दरअसल, 20 मार्च को एक स्कूटी सवार सीवरेज गड्ढे में गिर गया था, हालांकि, समय रहते लोगों ने उसे और स्कूटी को सकुशल निकाल लिया था। जिसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था।
संबंधित ठेकेदार और JEN के खिलाफ FIR दर्ज
जिला कलेक्टर गौरव ने बताया कि हाल ही में एक वीडियो सामने आया था। जिसमें सीवरेज मैनहॉल के रिपेयरिंग का कार्य चल रहा था। जिसमें रिपेयरिंग करने के बाद उसे प्रॉपर तरीके से सही नहीं किया गया था। ये एक गंभीर घटना थी। इस तरह की घटना की सत्यता जानने के बाद संबंधित ठेकेदार और JEN के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि ठेकेदार की ओर से सेफ्टी का ख्याल नहीं रखा गया था। जबकि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान चाहे वह सड़क का निर्माण कार्य हो या नाले का टेंडर में प्रावधान है कि इसमें पब्लिक सेफ्टी का ख्याल रखा जाए, लेकिन ठेकेदार ने इसमें पब्लिक सेफ्टी का ख्याल नहीं रखा। इस मामले में निगम कमिश्नर की ओर से संबंधित JEN को सस्पेंड किया गया है। जबकि ठेकेदार के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
पब्लिक सेफ्टी को लेकर नहीं बरती जाए लापरवाही
जिला कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में भी दूसरे जिम्मेदार अधिकारियों को चेताया है कि किसी भी सरकारी कार्य के दौरान पब्लिक सेफ्टी को लेकर लापरवाही नहीं बरती जाए। सरकारी काम में खुदाई के दौरान उसमें प्रॉपर बैरिकेडिंग की जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला
घटना जोधपुर शहर में महामंदिर स्थित शिव शक्ति कॉलोनी की गली नंबर 4 की थी। यहां 20 मार्च शुक्रवार को स्कूटी सवार पर निगम की लापरवाही जानलेवा साबित हो गई। मौके पर सीवरेज की रिपेयरिंग के लिए गड्ढा खोदा हुआ था, जिसे प्रॉपर तरीके से बैरिकेडिंग नहीं की हुई थी। इधर यहां सीवर लाइन जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर भरा था। ऐसे में सीवर दुरुस्त करने के लिए खोदा गया गड्ढा दिखाई नहीं दिया और स्कूटी सवार उसमें जा गिरा। हालांकि, गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें समय रहते बाहर निकाल दिया।
यह गड्डा 5 दिन पहले ही खोदा गया था। सीवरलाइन ठीक नहीं हुई तो मिट्टी से भरकर इतिश्री कर ली गई। पानी के प्रेशर से मिट्टी बह गई और गड्डा फिर से बन गया। इस रोड से दिनभर में सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद निगम की ऐसी लापरवाही चौंकाने वाली है। इस घटना के बाद निगम और जिला प्रशासन की मॉनिटरिंग पर भी कई सवाल खड़े होने लगे।
