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जोधपुर-जोधपुर में आज धुलंडी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रंग, अबीर गुलाल लगाते युवा पानी की बौछारों के बीच खूब झूमे।
शहर के लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर होली की खुशियां बांटते नजर आए। लोगों ने एक-दूसरे को घर-घर जाकर शुभकामनाएं भी दी।
होली के त्यौहार में युवाओं की टीम सबसे आगे नजर आई। हुरियारों की टीम ने एक दूसरे पर जमकर रंग उड़ाया। शहर में चहुंऔर होली का उल्लास नजर आया। जोधपुर के मंडोर में रावजी की गैर पारंपरिक तरीके से निकाली गई।धुलंडी पर लोगों ने जमकर रंग और गुलाल से होली खेली तो गेरियों ने बच्चों की ढूंढ करवाकर नृत्य किया। इस अवसर पर विदेशी पर्यटकों ने भी देसी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उन्हें शुभकामनाएं दी।जोधपुर के उम्मेद चौक पुरबीयों का मोहल्ला में होली धूमधाम से मनाई गई। दरअसल, यहां चौक में कड़ाई रखकर उसमें पानी भर दिया जाता है। फिर आपस में एक-एक करके सभी को उस पानी में डालते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं।
मोहल्ला समिति के अध्यक्ष शिव सिंह ने बताया कि यह परंपरा यहां पीढ़ियों से चली आ रही है। कड़ाई की होली जोधपुर में बहुत कम जगह खेली जाती है।
यहां मोहल्लावासियों ने वर्षों से अनोखी परंपरा को बनाए रखा है। अब युवा पीढ़ी इसको आगे बढ़ा रही है जिससे भाईचारा बना रहे। कार्यक्रम संयोजक देवेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि सभी मोहल्लेवासी मिलकर आपसी सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन करते हैं।जोधपुर के मंडोर में 633 साल से चली आ रही परंपरा के तहत रावजी की गैर धूमधाम से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी। गैर में माली समाज के अलावा अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए।
राव के साथ नाचे लोग
गैर में राव बने युवक के साथ लोग नाचते हुए नजर आए। गैर मंडावता बैरा मंदिर के चौक से पूजा अर्चना कर रवाना हुई। यहां से खोखरिया बैरा पहुंची। इसके बाद आगे मंडोर कुंड के लिए रवाना हुई। गैर में चंग की थाप पर होलिया ओर फागुन के गीत गाते हुए लोग नजर आए।




