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जोधपुर-जोधपुर में फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए प्लॉट बेचकर 15 लाख रुपए हड़प लिए। उदयमंदिर थाना पुलिस ने प्लॉट का फर्जी आम मुख्तियारनामा बनाकर भूखंड को बेचने की साजिश में शामिल एडवोकेट को रविवार को गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी सीताराम खोजा ने बताया- पिछले वर्ष 18 सितंबर को परिवादी सुरेश चंद्र माथुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उनका प्लॉट ऊर्जा विहार के ऋषभदेव नगर में है। यहां रामअवतार ने उनके भूखंड का फर्जी और कोर्ट रचित आम मुख्तारनामा बनाकर भूखंड को दूसरे को बेच दिया। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज को प्राप्त कर एफएसएल जांच करवाई तो परिवादी सुरेश चंद्र माथुर से आरोपी रामअवतार के पक्ष में बना आम मुख्तारनामा फर्जी पाया गया। इस पर पुलिस ने आरोपी राम अवतार उर्फ प्रवीण आचार्य, तरुण आचार्य और मुकेश को पहले गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें जेल भिजवाया गया।
एडवोकेट ने अपनी सील लगाकर की मदद
पुलिस ने बताया- मामले में एडवोकेट मोहन सिंह रतनू निवासी चौपासनी चारणान मथानिया हाल हनुवंत-ए पावटा सी रोड को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने अपनी सील और मोहर लगाकर हस्ताक्षर कर नोटरी किया था। इस पर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट परिसर में ही काम करते थे अन्य आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एडवोकेट मोहन सिंह लंबे समय से कचहरी परिसर में नोटेरी का काम करता है। पूरे मामले के षड्यंत्र में शामिल आरोपी तरुण आचार्य भी कचहरी परिसर में स्टांप बेचने का काम करता है। रामअवतार और मुकेश कचहरी परिसर में ही कोर्ट से आरोपियों की जमानत होने पर उनके लिए जमानत देने का काम करते हैं। इसके चलते सभी आरोपियों का कोर्ट में आना-जाना था। इसी वजह से एक-दूसरे को जानते भी हैं।
आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचते हुए परिवादी सुरेश चंद्र माथुर से रामअवतार के पक्ष में कूटरचित आम मुख्यारनामा तैयार करवाया और भूखंड को आगे बेचकर 15 लख रुपए हड़प लिए थे।

