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झालावाड़ में जिला प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने विकास कार्यों, बजट घोषणाओं एवं महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति समीक्षा की, बजट पूर्व संवाद में नागरिक संगठनों एवं संस्थाओं ने दिये सुझाव, जिले के विकास में नहीं रहेगी कोई कमी, सुझावों को करेंगे शामिल- जिला प्रभारी मंत्री
झालावाड़, 13 जनवरी। ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राज्य मंत्री एवं झालावाड़ जिले के प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में बैठक आयोजित हुई।
मंत्री देवासी के निजी सहायक जगदीश देवासी ने बताया कि प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने मंगलवार को विकसित भारत-जी राम जी योजना सहित सड़क, बिजली एवं पानी संबंधित समस्याओं का पर्यवेक्षण एवं समाधान, बजट हेतु सुझाव प्राप्त करने हेतु संवाद, पूर्व बजट घोषणाओं में भूमि आवंटन तथा स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली स्वीकृतियों का समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस दौरान बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, विभिन्न वर्गों से जुडे हितधारकों से सुझाव लिये गये।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार सभी वर्गों एवं सभी क्षेत्रों के विकास के लिये संकल्पित है। हमें राजस्थान को 2047 तक देशभर में अग्रणी पायदान पर लाने के लिये मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित राजस्थान की भी भागीदारी हो इसके लिये सभी जिलों में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में जिलेवार बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का तीसरा बजट फरवरी माह में आने वाला है इसमें प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक क्षेत्र का ध्यान रखा जाये इसी उद्वेश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनहितकारी एवं प्रदेश को अग्रणी राज्यों में शामिल करने वाला बजट बने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो। किसानों, युवाओं, महिलाओं के विकास के लिये संबल बने तथा औद्योगिक विकास के साथ कृषि के क्षेत्र में भी सुविधाओं का विस्तार हो इसका ध्यान रखा जायेगा।
श्री देवासी ने झालावाड़ में बेसहारा नंदीयो के लिए नंदीशाला, गोपालन को बढ़ावा देने, पर्यटन विकास, व्यवसायो को बढावा देने, खेल सुविधाओं का विस्तार, कृषि-बागवानी में अनुदान योजनाओं, किसानों के लिये सोलर पम्प सैट, फार्म पॉण्ड, जैविक खेती को बढावा, औद्योगिक विकास के लिये नवीन क्षेत्रों के संबंध में आये सुझावों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने चिकित्सा, पर्यटन, खेल, पशुपालन, उद्यम एवं आधारभूत विकास से संबंधित विभिन्न संस्थाओं द्वारा दिये गये सुझावों को जिले के लिये उपयोगी बताया।
साथ ही बैठक में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ ग्रामीण, पंच गौरव एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव, उप वन संरक्षक सागर पंवार, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भूदयाल मीणा, पूर्व उप जिला प्रमुख भागचन्द दांगी, पूर्व प्रधान भावना झाला, मुकेश चेलावत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषक सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

