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जालोर-जालोर जिले की जसवन्तपुरा तहसील के मुंधला काबा गांव में बजरी माफिया का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के आसपास और किसानों की खातेदारी भूमि से लंबे समय से अवैध रूप से बजरी खनन और परिवहन किया जा रहा है। विरोध करने या पुलिस में शिकायत करने पर माफिया द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
नदी और खेतों से खुलेआम खनन, दिन-रात दौड़ रहे ट्रैक्टर
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास सिंधरा बांध से निकलने वाली नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिन-रात बेखौफ होकर बजरी निकाली जा रही है। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण बच्चों, स्कूली विद्यार्थियों और ग्रामीणों की जान पर खतरा बना रहता है।
इन लोगों पर अवैध खनन के आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि दलपतसिंह राजपूत (मुंधला कला), नोपसिंह राजपूत, चन्दनसिंह राजपूत (मुडतरासिली), बादराराम पुरोहित (मुंधला कला), जेठाराम चौधरी और जोईताराम चौधरी (पावली) द्वारा बिना किसी अनुमति के नदी क्षेत्र और खातेदारी भूमि से बजरी का खनन किया जा रहा है। इससे खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है और गांव के कच्चे रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं।
नशे में वाहन चलाने का आरोप, हादसों का डर
ग्रामीणों का कहना है कि बजरी माफिया अपने वाहनों पर शराब के नशे में धुत चालकों को रखते हैं, जो दिन-रात वाहन चलाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विरोध करने पर ग्रामीणों से मारपीट और धमकाने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
पुलिस पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जैसे ही कोई व्यक्ति अवैध खनन की शिकायत करता है, उसकी जानकारी माफिया तक पहुंच जाती है। इसके बाद शिकायतकर्ता को फोन कर जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। इससे अब ग्रामीणों को गांव में रहने और रास्तों पर चलने तक में डर लगने लगा है।
राजनीतिक संरक्षण और झूठे मुकदमों की धमकी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बजरी माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और वे बाहुबली प्रवृत्ति के लोग हैं। जालोर कलेक्टर को ज्ञापन देने आते समय भी कुछ ग्रामीणों का पीछा कर धमकियां दी गईं। साथ ही झूठे एससी/एसटी मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बजरी माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई, अवैध खनन पर रोक, दोषियों की गिरफ्तारी और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस दौरान महेंद्र सिंह, मफाराम, नारायण लाल, जीतूसिंह, कमलसिंह, महिपाल सिंह, सुखराज और देवीलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

