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जालोर-जालोर जिले में नार्को टेस्ट से 2 दिन पहले मर्डर के नामजद आरोपी की हत्या हो गई। 65 साल का आरोपी किसान रात में खेत की रखवाली करने गया था। सुबह घर नहीं पहुंचा तो बेटा बुलाने गया। खेत में पिता का लहूलुहान शव देख बेटे के होश उड़ गए। किसान के सिर और कान पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। पैर टूटा हुआ था।
मामला बिशनगढ़ थाना इलाके के एलाना गांव का मंगलवार सुबह 7 बजे का है। डीएसपी गौतम जैन ने बताया- ऐलाना गांव निवासी तेजाराम चौधरी (65) पुत्र सुरथाराम मर्डर के मामले में नामजद था। दो दिन बाद उसका नार्को टेस्ट होने वाला था। इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।खेत की रखवाली करने गया था
तेजाराम ने गांव के ही रहने वाले डॉ. जुगराज के खेत बंटाई पर ले रखे थे। उसके घर से खेत की दूरी 600 मीटर है। तेजाराम सोमवार शाम 4 बजे खेतों की रखवाली करने निकला था। रात को खेत में बने टिनशेड के नीचे सो गया।
मंगलवार सुबह 7 बजे तेजाराम का बेटा खेत में पहुंचा तो वहां पिता की लहूलुहान लाश पड़ी थी। उसने बिशनगढ़ थाना पुलिस को फोन पर सूचना दी और परिवार व गांव वालों को जानकारी दी।
बिशनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जालोर से डीएसपी गौतम जैन भी पुलिस जाब्ता लेकर पहुंचे। मौके पर FSL टीम को बुलाया गया और सबूत जुटाए गए। बॉडी को मांडवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया गया। पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।8 जनवरी को हुई थी चरवाहे की हत्या
डीएसपी गौतम जैन ने बताया- तेजाराम चौधरी हत्या के एक मामले में नामजद था। बिशनगढ़ थाने में 8 जनवरी को ऐलाना गांव के चरवाहे बूटाराम की हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। इसमें तेजाराम चौधरी भी नामजद था।
बूटाराम और तेजाराम मिलकर खेत बंटाई पर लेते थे। 22 दिसंबर को बूटाराम अचानक लापता हो गया था। 23 दिसंबर को उसके परिवार के लोगों ने बिशनगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद 8 जनवरी को बालोतरा के तेलवाड़ा गांव में बूटाराम का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला था।
बूटाराम की चप्पलें ऐलाना गांव (जालोर) में तेजाराम चौधरी के खेत में मिली थी। ऐसे में तेजाराम को भी हत्या में नामजद आरोपी बनाया गया था। दो दिन बाद तेजाराम का इस मामले में नार्को टेस्ट होना था। ऐसे में इस मर्डर ने मौत की गुत्थी को उलझा दिया। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है।

