जब भंवरी-हत्याकांड का खुलासा संभव, फिर गणपत का क्यों नहीं?’: जालोर में भाजपा नेता ने पुलिस से पूछे सवाल; 80 साल की बुजुर्ग मां का अनशन जारी
PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जालोर के मांडोली गांव में करीब 18 महीने पहले हुए गणपत सिंह हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर जालोर जिला मुख्यालय पर धरना गुरुवार को 15वें दिन महापड़ाव में बदल गया।बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग जिला कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित हुए। दिनभर चले प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर व एसपी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
गणपत सिंह की 80 वर्षीय मां हवा कंवर और 65 वर्षीय पत्नी भूख हड़ताल पर बैठी रही। परिजनों का कहना है कि जब तक हत्याकांड का खुलासा नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सिरोही जिला परिषद सदस्य और भाजपा नेता दिलीप सिंह माडानी ने पुलिस से कहा कि जब भंवरी हत्याकांड का खुलासा संभव, फिर गणपत सिंह की हत्या का खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा।
18 मार्च तक मामले का खुलासा करने की मांग धरना स्थल पर समाज के कई वरिष्ठ लोगों ने संबोधित करते हुए कहा कि इतने लंबे समय बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है, जिससे लोगों में रोष है। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे और एसपी शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 18 मार्च तक मामले का खुलासा करने की मांग की गई है, अन्यथा जांच सीबीआई को सौंपने की मांग उठाई जाएगी।
रानीवाड़ा के पूर्व और वर्तमान विधायक का नार्को टेस्ट करवाने की मांग
सिरोही जिला परिषद सदस्य और भाजपा नेता दिलीप सिंह माडानी ने भी प्रशासन के सामने तीखी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि भंवरी देवी हत्याकांड में हड्डियों के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया गया था, जबकि यहां तो मृतक का पूरा शव मिला था। इसके बावजूद इतने समय बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई।
माडानी ने कहा कि वे 50 वर्षों से राजनीति में हैं और अपराध मामलों की कार्यप्रणाली से परिचित हैं। उन्होंने प्रशासन से कहा कि संदिग्धों से आगे बढ़कर रानीवाड़ा के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक रतन देवासी सहित स्थानीय विधायक का नार्को टेस्ट कराया जाए, इससे हत्याकांड का खुलासा हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और सांसद तक को गांवों में लोगों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
30 मिनट पर सड़क पर लगाया जाम
धरने के दौरान कुछ महिलाओं और प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल चौराहे से आहोर जाने वाले मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक सड़क जाम रही। बाद में पुलिस और समाज के वरिष्ठ लोगों की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाकर रास्ता खोल दिया।
उधर, प्रशासन ने परिजनों से भूख हड़ताल और धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक हत्या का खुलासा नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

