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तिथि संवत् : माघ, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी, शुक्रवार रात्रि 10:22 तक रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह रज्जब, तारीख 26, सूर्य उत्तरायण,
शिशिर ऋतु, 16 जनवरी। सूर्योदय कालीन नक्षत्र: मूल नक्षत्र संपूर्ण दिनरात रहेगा।ध्रुव योग रात्रि 09:06 तक, इसके बाद व्याघात योग रहेगा। गर करण प्रातः 09:19 तक, इसके बाद वणिज करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30): सूर्य-मकर, चंद्र-धनु,मंगल-मकर, बुध-धनु, गुरु-मिथुन, शुक्र-मकर, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : प्रातः 10:30 से 12:00 तक रहेगा।
दिशाशूल : पश्चिम दिशा खाकर यात्रा कर सकते हैं। यदि जरूरी हो तो इलायची
शुभाशुभ ज्ञानम् : भद्रा रात्रि 10:22 से, प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि, मेरु त्रयोदशी जैन, श्री आदिनाथ निर्वाण दिवस,गंडमूल संपूर्ण दिनरात ।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 07:21 से 08:40 तक चर का,प्रातः 08:40 से 11:18 तक लाभ व अमृत का, दोपहर 12:36 से 01:55 तक शुभ का, सायं 04:33 से 05:51 तक चर का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज प्रदोषकाल में शिव मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य व शांति आती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। ध्रुव योग में दूध का दान करना शुभ फलदायी होता है। आज शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें, गरीब बच्चों को आइसक्रीम अथवा खीर खिलाएं। चिड़ियों को चावल का चुग्गा डालें तो शुक्रग्रह जनित पीड़ा दूर होती है।

