PALI SIROHI ONLINE
बाली-देसूरी में श्री मारवाड़ मेघवाल सेवा संस्थान, शाखा देसूरी के तत्वावधान में वीरमपुरा रेबरियान में दशम प्रतिभा सम्मान समारोह 2025 का आयोजन किया गया। इस समारोह में 145 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने कहा कि समाज को प्रतिभाओं की काउंसलिंग पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
सरकार की योजनाओं से वंचित विद्यार्थी
राणावत ने बताया- सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में जरूरतमंद विद्यार्थी उनका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सही मार्गदर्शन के अभाव में कई योग्य प्रतिभाएं, जो आईएएस, एमबीबीएस या आईआईटीयन बन सकती थीं, वे केवल शिक्षक की नौकरी तक ही सीमित रह गईं।
बच्चों को शिक्षण संस्थानों में एडमिशन दिलाने के लिए तैयार
उन्होंने कहा कि मजदूर और खेतिहर परिवारों के बच्चे आज भी अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप मुकाम हासिल नहीं कर पा रहे हैं, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावना के विपरीत है। राणावत ने आश्वस्त किया कि यदि बच्चे आगे बढ़ने का संकल्प लें तो उन्हें लक्ष्य के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए वे स्वयं साथ चलने को तैयार हैं।
राणावत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज तक इस क्षेत्र का कोई भी विद्यार्थी सेंट स्टीफंस, टाटा इंस्टीट्यूट, लेडी श्रीराम कॉलेज या दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष संस्थानों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रतिवर्ष लगभग 500 विद्यार्थियों को विदेशों में अध्ययन के लिए भेज रही है
विशिष्ट अतिथि चरली (आहोर) के संत नारायणनाथ महाराज ने सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सेवा भाव को अपनाने की बात कही। कोट सोलंकियान के पीर गुलाब दास महाराज ने भी समारोह में आशीर्वचन प्रदान किए।
वहीं, संस्थान संरक्षक एवं पूर्व राज्य मंत्री अचलाराम मेघवाल ने शिक्षा को समाज उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान अध्यक्ष महेंद्र लोंगेशा ने सभी अतिथियों, संतों, समाजबंधुओं, सहयोगकर्ताओं व उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रमेश सरेल, सुरेश भाटी, सुरेश रिखिया एवं खेताराम सोलंकी ने किया।

