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तिथि संवत् : मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष एकादशी, सोमवार सायं 07:02 तक रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह जमादि उलसानी तारीख 9, सूर्य दक्षिणायन, हेमंत ऋतु, 1 दिसंबर। सूर्योदय कालीन नक्षत्र रेवती नक्षत्र रात्रि 11:18 तक,इसके बाद अश्विनी नक्षत्र रहेगा। व्यतिपात योग रात्रि 12:59 तक, इसके बाद वरियान योग रहेगा। वणिज करण प्रातः 08:16 तक, इसके बाद विष्टि करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30) सूर्य-वृश्चिक, चंद्र-मीन, मंगल-वृश्चिक, बुध-तुला, गुरु-कर्क, शुक्र-वृश्चिक, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा।
दिशाशूल : पूर्व दिशा: यदि जरूरी हो तो मिश्री या सौंफ खाकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : भद्रा प्रातः 08:16 से सायं 07:02 तक,मोक्षदा एकादशी व्रत, गीता जयंती, व्यतिपात पुण्यं, पंचक रात्रि 11:18 तक, मौनी एकादशी जैन, विश्व एड्स दिवस, गंडमूल = संपूर्ण दिनरात।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 07:02 से 08:21 तक अमृत का, प्रातः 09:39 से 10:57 तक शुभ का, दोपहर 01:34 से 02:52 तक चर का, दोपहर 02:52 से सायं 05:29 तक लाभ व अमृत का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज सोमवार को शिवजी का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करना और एक समय भोजन करने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध, शहद और गंगाजल अर्पित करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं। व्यतिपात योग में बैल का दान करना शुभ फलदायी होता है। आज एकादशी का उपवास कर भगवान हरि की पूजा करें तो मोक्ष की प्राप्ति होती है।
