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तिथि संवत् : माघ, कृष्ण पक्ष तृतीया, मंगलवार प्रातः08:02 तक रहेगी। विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह रज्जब, तारीख 16, सूर्य उत्तरायण,शिशिर ऋतु, 6 जनवरी । सूर्योदय कालीन नक्षत्र अश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12:18तक, इसके बाद मघा नक्षत्र रहेगा। प्रीति योग रात्रि 08:21 तक, इसके बाद आयुष्मान योग रहेगा। विष्टि करण प्रातः 08:02 तक, इसके बाद बव करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30): सूर्य-धनु, चंद्र-कर्क, मंगल-धनु,बुध-धनु, गुरु-मिथुन, शुक्र-धनु, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : दोपहर 3:00 से 4:30 तक रहेगा।
दिशाशूल : उत्तर दिशा : यदि अत्यावश्यक कार्य हो तो गुड़ खाकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : भद्रा प्रातः 08:02 तक, बुध पूर्वाषाढ़ा में रात्रि 12.01, अंगारक संकष्ट चतुर्थी व तिलकुटा चौथ व्रत, चन्द्रोदय जयपुर में रात्रि 09:04 बजे, सौभाग्य सुन्दरी व्रत, चतुर्थी तिथि क्षय, गण्डमूल सम्पूर्ण दिनरात।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 09:57 से 11:14 तक चर का, प्रातः 11:14 से दोपहर 01:50 तक लाभ व अमृत का, दोपहर 03:08 से सायं 04:26 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज मंगलवार को मसूर दाल व लाल वस्त्र दान करने एवं भौम देवता की लाल गंध, पुष्प, चंदन आदि से पूजा कर व्रत करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं। आज संकष्ट चतुर्थी का व्रत करें। तिल गुड़ का भोग लगाएं और चन्द्रोदय पश्चात् चन्द्रमा को अर्घ्य देकर सौभाग्यवती स्त्रियां घर के बुजुर्ग या ब्राह्मण को बायना देकर एक समय भोजन करें तो भगवान शिव और पार्वतीजी की कृपा मिलती है। प्रीति योग में तेल दान करना शुभ फलदायी होता है।

