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तिथि संवत् : पौष, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, गुरुवार रात्रि 10:23 तक रहेगी। विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह रज्जब, तारीख 11, सूर्य उत्तरायण, शिशिर ऋतु, 1 जनवरी।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र रात्रि 10:48 तक,इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। शुभ योग सायं 05:13 तक, इसके बाद शुक्ल योग रहेगा। कौलव करण दोपहर 12:05 तक, इसके बाद तैतिल करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रात: 05:30): सूर्य-धनु, चंद्र-वृष, मंगल-धनु,बुध-धनु, गुरु-मिथुन, शुक्र-धनु, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : दोपहर 01:30 से 03:00 तक रहेगा।
दिशाशूल : दक्षिण दिशा- यदि जरूरी हो तो तुलसी का पत्ता खाकर या साबुत सिंका धनिया साथ लेकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत ।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 07:20 से 08:38 तक शुभ का, प्रातः 11:13 से 12:30 तक चर का, दोपहर 12:30 से 03:05 तक लाभ व अमृत का, सायं 04:23 से 05:40 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज प्रदोष के दिन संध्या के समय शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग और चंदन अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और भगवान शिव की आरती करें, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है। गुरुवार को पीले वस्त्र, चने की दाल और गुड़ दान करें। साथ ही व्रत करने वाले पीले पदार्थों का भोजन करें तो गुरु जनित दोष दूर होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आज शुभ योग में फूलों का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

