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बाली उपखण्ड के चामुंडेरी गांव निवासी छैल सिंह पुत्र देवी सिंह जाति राजपूत का सरपंच घोड़ा व राजल घोड़ी ने सायला में आयोजित प्रसिद्ध पशु मेले में भाग लेकर गांव और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। मेले में आयोजित पारंपरिक घोड़ा द्वितीय प्रतियोगिता में सरपंच नाम के घोड़े ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया, वहीं राजल घोड़ी नृत्य प्रतियोगिता में भी शानदार प्रस्तुति देते हुए तृतीय स्थान हासिल किया। घोड़े की आकर्षक सजावट, अनुशासन और तालमेल ने उपस्थित दर्शकों और निर्णायकों को काफी प्रभावित किया।
सायला पशु मेला प्रदेश का एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक मेला माना जाता है, जिसमें दूर-दूर से पशुपालक और घोड़ा प्रेमी अपने पशुओं के साथ भाग लेते हैं। इस मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से पशुओं की सुंदरता, चाल और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया जाता है। चामुंडेरी ग्राम में सरपंच नाम के घोड़े की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है और ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए सरपंच घोड़े ओर राजल घोड़ी को बधाई दी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह उपलब्धि न केवल सरपंच घोड़े की मेहनत का परिणाम है, बल्कि चामुंडेरी की समृद्ध परंपरा और पशुपालन संस्कृति का भी प्रतीक है। इस सफलता से क्षेत्र के अन्य पशुपालकों को भी प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर मेले में राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और पशुधन की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
जालोर जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और मां कात्यायनी देवी पशु सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में मां कात्यायनी देवी पशु मेला और पशु प्रदर्शनी का गुरुवार को समापन हो गया। विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ पशुओं का प्रदर्शन किया गया, जिनमें दुधारू पशु, सांड, घोड़े तथा अन्य पशुधन शामिल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अतिथियों ने पशुपालकों से आत्मीय संवाद कर राज्य सरकार की पशुपालन संबंधी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। पशु बीमा, नस्ल सुधार, डेयरी विकास एवं अनुदान योजनाओं का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है और ऐसे मेले अनुभव साझा करने तथा नई तकनीकों को अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं। समापन समारोह में महंत श्री अमृतनाथ महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। जसराज पुरोहित, मेला संरक्षक सुरेश राजपुरोहित, वरिष्ठ भाजपा नेता मंगलसिंह सिराणा, उपखंड अधिकारी सूरजभान विश्नोई एवं तहसीलदार लक्ष्मी चौधरी उपस्थित रहे। यह जानकारी मेला संरक्षक सरेश राजपुरोहित ने दी।
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