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बीकानेर-बीकानेर में ACB की रेड में कनिष्ठ सहायक (जूनियर असिस्टेंट) के घर से करीब 1 करोड़ 60 लाख का सोना मिला है। करीब पांच लाख रुपए की चांदी और 75 लाख से ज्यादा का कैश भी मिला है।
एसीबी ने शुक्रवार सुबह कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार के पांच ठिकानों पर छापा मारा। शुभकरण परिहार ने घर में ही नोटों की गड्डियां छुपा कर रखी थी, जिन्हें गिनने के लिए काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी।बीकानेर के पूनरासर में रहने वाला शुभकरण फलोदी की बाप पंचायत समिति के कानासर ग्राम पंचायत में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात है।आय से ज्यादा संपत्ति का केस दर्ज
एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया- कुछ दिनों पहले शुभकरण परिहार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद मामले की जांच की। 11 फरवरी को शुभकरण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया।
डीआईजी भुवन भूषण यादव, एएसपी विनोद कुमार और आशीष कुमार रघुवंशी के नेतृत्व में 5 टीमें बनाई गई।
शुक्रवार सुबह बीकानेर शहर के जयनारायण व्यास कॉलोनी, वैशाली धााम के सामने मातेश्वरी एन्क्वलेव, जयपुर रोड और बागीनाड़ा स्थित छीपों का मोहल्ला रानी बाजार और पूनरासर गांव में शुभकरण के ठिकानों पर रेड डाली।
शहर में तीन और गांव में एक आलीशान मकान
डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया- शुभकरण के बीकानेर में तीन और गांव पूनरासर में एक आलीशान मकान है। दोपहर 1 बजे तक हुई कार्रवाई में 75 लाख से ज्यादा का कैश, 1 किलो से ज्यादा गोल्ड और 2 किलो से ज्यादा चांदी मिली है।
इसके साथ ही 17 हेक्टेयर एग्रीकल्चर जमीन भी शुभकरण के नाम सामने आई है। उन्होंने बताया- अब तक जांच में आय से 938 प्रतिशत से अधिक संपत्ति शामिल करने का रिकॉर्ड मिल चुका है।एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक सीता श्रीवास्तव के सुपरविजन में पांचों ठिकानों पर सर्च चल रहा है। इसमें और भी प्रॉपर्टी व सामान मिलने की संभावना है।
500, 200 और 100-100 रुपए की गड्डियां मिली
शुभकरण बीकानेर शहर के वैशाली धाम के सामने मातेश्वरी एन्क्लेव में रहता है। एसीबी टीम को यहां 75 लाख रुपए कैश और सोने-चांदी के जेवरात मिले। वहीं बागीनाड़ा स्थित छीपों के मोहल्ले में बने मकान में से भी सोना-चांदी और प्रॉपर्टी के कागज मिले हैं।
टीम ने जब मातेश्वरी एन्क्लेव में सर्च किया तो यहां 500, 200 और 100-100 रुपए के नोटों की गड्डियां मिली। इन्हें अलमारी से निकाल बिस्तर पर रखा गया। नोट इतने थे कि इन्हें गिनने के लिए मशीन और रखने के लिए कार्टन मंगवाना पड़ा। काउंटिंग के बाद नोटों की गड्डियों को कार्टन में पैक कर रखा गया।


