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भीनमाल-पर्यावरण बचाओ न्याय यात्रा (खेजड़ी बचाओ रथ यात्रा) बुधवार को भीनमाल पहुंची। यह यात्रा बीकानेर में प्रस्तावित महापड़ाव में जुटने के संकल्प के साथ निकली है। भीनमाल पहुंचने पर पर्यावरण प्रेमियों, बिश्नोई समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसका स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित बैठक में खेजड़ी सहित अन्य वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर तत्काल रोक लगाने और इसके लिए सख्त कानून बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।संत बोले-बड़े पैमाने पर पेड़ों की हो रही कटाई संत भागीरथदास शास्त्री (जैसला) ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी की कटाई हो रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कठोर कानून नहीं बनाया, तो पर्यावरण प्रेमियों को बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा और आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेसी परसाराम खोखर ने खेजड़ी कटाई पर सजा के प्रावधान हटाकर मात्र एक हजार रुपए जुर्माने की व्यवस्था को सरकार का कमजोर निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय खेजड़ी कटाई को खुली छूट देने जैसा है। खोखर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कानून में शीघ्र संशोधन नहीं किया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में बताया
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. दिनेश जांभाणी ने खेजड़ी को केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा और पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ बताया। उन्होंने राज्य वृक्ष खेजड़ी के सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर युवा पर्यावरण प्रेमी सुभाष भांभू ने सभी पर्यावरण प्रेमियों से 2 फरवरी को प्रस्तावित बीकानेर महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। बैठक को एडवोकेट श्रवण ढाका और जयकरण खिलेरी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एडवोकेट श्रवण ढाका, जांभा महंत आनंदप्रकाश, राजू महाराज जाजीवाल धोरा, ओमप्रकाश लोल (जोधपुर), रामगोपाल माल (बीकानेर), सांवरलाल भादू (बज्जू), रामकिशन खिलेरी, भागीरथ जानी, रामलाल ढाका, कोजाराम पंवार, भागीरथ खीचड़, किशनाराम जानी, वागाराम खिलेरी, महादेवाराम डारा, ओमप्रकाश भादू, प्रकाश जांगू, जालाराम खिलेरी, गंगाराम कड़वासरा, जगदीश खिलेरी, देवाराम जवर, भीखाराम साऊ, ओमप्रकाश सियाग, गोपी साऊ, किशनलाल ढाका, अशोक खिलेरी सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

