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भीलवाड़ा-सांवरिया सेठ के दर्शन कर घर लौट रहे परिवार की कार बेकाबू होकर नेशनल हाईवे-148 की पुलिया से नीचे गिर गई। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि 4 घायल हो गए। एक मासूम सुरक्षित बच गया।
हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को विजयनगर अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर घायलों को JLN अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसा भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा थाना क्षेत्र का है।
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे
परिजन करण ने बताया- दीदी समेत परिवार के 7 सदस्य चित्तौड़गढ़ में सांवरिया सेठ के दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे लांबाहरिसिंह (टोंक) लौट रहे थे। इस दौरान विजय नगर (अजमेर) के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई।
जानकारी के अनुसार, हादसे में ड्राइवर कालू और उनके पिता नोरत की मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों की गोद में बैठा बच्चा सुरक्षित बच गया। गंभीर रूप से घायलों का अजमेर के जेएलएन अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार- लांबाहरिसिंह निवासी नोरत जांगिड़ (50) पुत्र बद्री खाती अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ सांवरिया सेठ मंदिर गए थे। 19 फरवरी को बड़े बेटे कमल जांगिड़ की शादी हुई थी, ऐसे में जोड़े को ढोक लगाने सांवरिया सेठ मंदिर गए थे। शनिवार रात 8 बजे 11 लोग मारुति वैन से रवाना हुए और रविवार सुबह करीब 5 बजे दर्शन किए।
घर लौटते समय दोपहर करीब 12 बजे नेशनल हाईवे-148 पर अजमेर बॉर्डर पर विजय गौशाला (भीलवाड़ा का गुलाबपुरा थानाक्षेत्र) के पास उनकी वैन अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 20 फीट नीचे गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से विजयनगर अस्पताल पहुंचाया। वहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां नोरत जांगिड़ (50) और उनके छोटे बेटे कालू जांगिड़ (30) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घायलों में गौरव (11) पुत्र श्रवण जांगिड़, कोमल (30) पत्नी रमेश जांगिड़, इंदिरा देवी पत्नी शंकरलाल जांगिड़ (मालपुरा) और यशश्री (6) शामिल हैं।
कहासुनी के कारण 4 की बची जान
परिजनों के अनुसार- हादसे से पहले रास्ते में नोरत के छोटे बेटे कालू और बड़े बेटे कमल के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। इस पर कमल जांगिड़ अपनी पत्नी पूजा और दो सालों सुशील व राहुल (निवासी मित्रपुरा, जेतपुरा, जिला सवाईमाधोपुर) के साथ भीलवाड़ा से पहले ही उतर गए। चारों टेंपो से भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से ट्रेन पकड़कर किशनगढ़ रवाना हो गए। इस कारण उनकी जान बच गई।
परिवार के अनुसार- मारुति वैन कालू जांगिड़ चला रहा था। मृतक के दोनों बेटे बेंगलुरु में कारपेंटर का काम करते थे। मृतक नोरत की पत्नी ग्यारसी देवी आंखों की परेशानी के कारण यात्रा पर नहीं गई थीं, घटना की जानकारी मिलते ही बेसुध हो गई। मृतकों का सोमवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा।
