• April 8, 2026

जब प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया हो चुकी है तो पंचायत एवं वार्डो का गठन पुरानी मतदाता सूची से क्यों? यह लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश – डॉ संजीव राजपुरोहित

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जब प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया हो चुकी है तो पंचायत एवं वार्डो का गठन पुरानी मतदाता सूची से क्यों? यह लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश – डॉ संजीव राजपुरोहित

रिपोर्टर -विक्रमसिह बालोत पचानवा

भाद्राजून ब्लॉक एवं मंडल कांग्रेस द्वारा “संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ” अभियान के तहत चौधरी छात्रावास भाद्राजून में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।
विधानसभा प्रभारी डॉ. संजीव राजपुरोहित ने कहा कि प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पंचायत एवं वार्डों का गठन पुरानी मतदाता सूची के आधार पर किया जाना पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एसआईआर की फाइनल सूची जारी हो चुकी है, तो जनवरी 2025 की मतदाता सूची से चुनावी प्रक्रिया क्यों आगे बढ़ाई जा रही है, जिसमें एब्सेंट, शिफ्टेड और मृत मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर पंचायत एवं निकाय चुनाव टाले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराने की तैयारी लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्णय लेने में असमर्थ है और केवल सत्ता बचाने में लगी हुई है।
डॉ. राजपुरोहित ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा बार-बार यह दावा किया जाता है कि केंद्र से बजट लाया जा रहा है, लेकिन 1900 करोड़ रुपए का ग्रामीण विकास बजट लेप्स होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि समय पर पंचायत और निकाय चुनाव नहीं कराना जनता के अधिकारों का हनन है।
उन्होंने आगे कहा कि न्यायालय द्वारा 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद चुनाव टालना कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों की जगह प्रशासकों की नियुक्ति कर पूरे सिस्टम को ठप कर दिया गया है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ओबीसी सर्वे को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल बहाना है। ओबीसी आयोग का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उसे आवश्यक संसाधन और डेटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिससे प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है।

प्रशासकों की नियुक्ति लोकतंत्र पर प्रहार – गलबाराम मीणा

इस दौरान गलबाराम मीणा ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से निकाय एवं पंचायत चुनाव नहीं कराना और उनकी जगह प्रशासकों की नियुक्ति करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि 73वें और 74वें संविधान संशोधनों की मूल भावना—विकेंद्रीकरण और स्थानीय स्वशासन—को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी “संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ” अभियान के माध्यम से आमजन को जागरूक कर सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी।

बैठक में पीसीसी सदस्य सवाराम पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह डोडियाली, संगठन महासचिव विरेन्द्र जोशी, जिला उपाध्यक्ष आमसिंह परिहार, महिला जिलाध्यक्ष संतोष कंवर, ब्लॉक महासचिव वागाराम मेघवाल, मंडल अध्यक्ष खुशाल सिंह राजपुरोहित, पुखराज मेघवाल, भरतसिंह राजपुरोहित, गणपत शर्मा, पन्नाराम चौधरी,अल्लाह बख्श,उकाराम मेघवाल, ताराराम चौधरी, रणछोड़राम मेघवाल, रमेश कुमार, युसुफ खान, दिनेश,मेहराराम चौधरी,इदू खां, मोहनराम मीणा,बरगद खां,भंवर चौधरी, झालाराम चौधरी, सुरेश चौधरी, गोविंद, कालूराम,भलाराम, भैराराम,धींबाराम, कैलाश, बाबूराम सहित अन्य कांग्रेसी उपस्थित रहे।

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