बेटी ने दी अपने भाई के साथ मां को मुखाग्नि

 
 कहते हैं कि बेटी किसी बेटे से कम नहीं होती, जो काम बेटा कर सकता है वही काम बेटी भी कर सकती है। काम चाहे घर का हो या घर की चारदिवारी से बाहर का

PALI SIROHI ONLINE

रितेश अग्रवाल , फालना


खुडाला फालना नगरपालिका के आगे चौधरी वस्तु भंडार की गली में रहने वाली सुषमा अग्रवाल आयु करीब 59 वर्ष धर्मपत्नी अशोक बंसल पूर्व बैंक मैनेजर पी.सी.सी.बी फालना का निधन गुरुवार को दोपहर 2 बजे  सरकारी अस्पताल उदयपुर से फालना आते समय रास्ते में हो गया था। उनका सरकारी अस्पताल उदयपुर में बीमारी के चलते इलाज चल रहा था

। सुषमा अग्रवाल खिंदारा गाँव मे सरकारी स्कूल में हैडमास्टर के रूप में कार्यरत थी। वही परिवार में पति अशोक बंसल, बेटी नमिता बंसल के साथ बेटा मयंक बंसल ने गुरुवार को शाम 5.30 बजे फालना मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी शव को अग्नि देने की रस्म बेटे के साथ बेटी ने भी निभाई। मां की अंतिम संस्कार में बेटी नमिता बंसल ने हिंदू रीति रिवाज के साथ पूरी की। जो समाज में एक मिसाल है। जिसने भी ये नजारा देखा उनकी आंखें नम हो गई और बेटी के प्रति श्रृद्धा से सभी ने सिर झुकाया।

जिसमे अग्रवाल समाज से अनिल अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल के साथ महिपाल परमार एवं हिन्दू सेवा समिति के सदस्यों ने पूरा सहयोग कर दाह संस्कार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

। जिसमे लवीश कुमावत, रितेश अग्रवाल, देवेंद्र सिद्धावत, अमित मेहता, कल्पेश शर्मा, ललित मालवीय, नरेश मालवीय, पंकज दरियानी, कर्मवीर मेवाड़ा, जितेंद्र कलावंत, नीलेश हरवानी, कुणाल पंवार सहित इत्यादि हिन्दू सेवा समिति खुडाला फालना के सदस्य मौजूद रहे ।