बाली ब्लॉक चारमाही आवासीय शिविर का सफल समापन
PALI SIROHI ONLINE
बाली ब्लॉक चारमाही आवासीय शिविर का सफल समापन_
_दूसरा दशक, बाली के तत्वावधान में सोनी छात्रावास,_ _खुडाला-फालना में आयोजित चारमाही किशोरी आवासीय शिक्षण शिविर का समापन समारोह खुशी के साथ सम्पन्न हुआ!_
_संस्थान के निदेशक श्री अरुण दीक्षित ने बताया कि इस शिविर में 40 किशोरियों ने आवासीय रूप में रहकर_ _*राजस्थान ओपन बोर्ड* की कक्षा 10वीं की परीक्षा की तैयारी की! शिविर के दौरान दूसरा दशक की शिक्षक टीम सोहन भाटी,_ _कमलेश कुमार, हरिराम, रतन कंवर, खुशबु एवं सह-समन्वयक भरत रावल ने नवीन शिक्षण विधियों एवं नवाचारों के माध्यम से किशोरियों के सीखने और समझ विकसित करने हेतु निरंतर प्रयास किए!_ _मदन देवासी एवं कुसुम ने भी समय-समय पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया!_
_चार माह की इस अवधि में किशोरियों को हिन्दी, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, डाटा एंट्री एवं चित्रकला जैसे विषयों के साथ-साथ प्रजनन स्वास्थ्य, जेंडर समानता, स्वच्छता, संवैधानिक मूल्य (समता, स्वतंत्रता, गरिमा, न्याय), जीवन कौशल, संगठन निर्माण एवं पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया!_
_समापन समारोह की अध्यक्षता उद्योग व्यापार संघ के संरक्षक श्री रामकिशोर गोयल ने की! उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “दूसरा दशक संस्था ने किशोरियों के जीवन में ज्ञान की नई रोशनी जगाई है! आज के समय में शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और जीवन कौशल अत्यंत आवश्यक हैं, और इस दिशा में संस्था का कार्य सराहनीय है!”_
_अतिथि श्री अमित मेहता एवं श्री कैलाश जोशी ने भी किशोरियों की शिक्षा के प्रति संस्था के समर्पण की भूरी-भूरी प्रशंसा की! उन्होंने किशोरियों में आए सकारात्मक बदलाव उनकी भाषा, वेश-भूषा और आत्मविश्वास को देखकर खुशी व्यक्त की!_
_इस अवसर पर सभी किशोरियों को निरंतर अध्ययन के लिए पाँच कॉपियाँ, दो पेन एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए! कार्यक्रम में पीपला, गोरिया, काकराड़ी, पणेतरा, जूना बेड़ा एवं सेरावा गाँवों से आए अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी रही!_
_संवैधानिक मूल्य कार्यक्रम से जुड़ी साथियों कैलो पद्म कंवर एवं सीमा भाटी ने भी कार्यक्रम की जानकारी साझा की!_
_कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साथी सोहन भाटी द्वारा प्रभावी रूप से किया गया!_
RSOS किशोरी शिविर के समापन के बाद जब सभी किशोरियाँ अपने घर लौटने लगीं, तो माहौल बहुत भावुक हो गया। वे टीम के सदस्यों से गले मिलकर रोने लगीं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि सभी की आँखें नम हो गईं। शिविर के दौरान बने अपनापन और जुड़ाव की यह सच्ची झलक थी, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा।
