बड़ी मात्रा में अवेध क्लीनिक में मिली खाली इंजेक्शन एवं ड्रीप,तहसीलदार ने मार छापा

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तहसीलदार, सीआई एवं चिकित्सा प्रभारी पहुंचे मौके पर, नीम हकीम हुआ फरार

रानीवाड़ा। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार ग्रामीण स्तरों पर चल रहे अवैध क्लिनिक व डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु चलाये जा रहे अभियान के तहत मैत्रीवाड़ा ग्राम पंचायत अन्तर्गत हर्षवाड़ा गांव में डॉक्टर द्वारा इलाज करने की सूचना पर रानीवाड़ा तहसीलदार शंकरलाल मीणा, थानाधिकारी पदमाराम राणा एवं गांग पीएचसी प्रभारी डॉ सुमेरसिंह ने दोपहर में हर्षवाड़ा स्थित क्लीनिक पर आकस्मिक छापा मारा, लेकिन छापे की भनक लगते ही डॉक्टर क्लीनीक से गायब हो गया।

तहसीलदार मीणा को सूचना मिली कि गुजरात निवासी हार्दिक पटेल बिना किसी आरएमसी डीग्री के अवैध रूप से डॉक्टर बन कोरोना काल में लोगों का इलाज कर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ रहा है। जिस पर तहसीलदार शंकरलाल मीणा, थानाधिकारी पदमाराम राणा एवं गांग पीएचसी प्रभारी डॉ सुमेरसिंह की टीम हर्षवाड़ा स्थित क्लिनिक पर पहुंची तो मौके पर डॉक्टर नही मिला। लेकिन टीम क्लिनिक के बाहर जलाई गई खाली ड्रीप एवं वहां पड़ा बायोमेडिकल वेस्ट व उपकरण देख अचंभित रह गईं। टीम द्वारा उक्त ग्लूकोज के बोतलें एवं बायोमेडिकल वेस्ट को बरामद किया गया। ।

बबूल के पेड़ के नीचे चढ़ा रहा ड्रीप – ज्ञात रहे, डॉक्टर के विरूद्ध कार्यवाही से पूर्व जब उक्त संवाददाता ने डॉक्टर क्लिनिक पर पहुंचा तब वहां लोगों का इलाज कर रहा था एवं क्लिनिक के बाहर स्थित बबूल के पेड़ के नीचे दो मरीजों के ड्रीप लगाई हुई थी। प्रशासन को सूचना देने के बाद जब तहसीलदार, सीआई एवं चिकित्सा प्रभारी मौके पर पहुंचे, तब डॉक्टर क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया। प्रशासन की टीम ने मौका फर्द बनाकर उक्त क्लिनिक को सीज कर दिया है।