पाली जिला कलक्टर ने कहा कि कोरोना आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य महामारी से आमजन का जीवन बचाना

PALI SIROHI ONLINE

पाली, 04 मई। जिला कलक्टर अंश दीप ने कहा कि कोरोना आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य महामारी से आमजन का जीवन बचाना है। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े के प्रावधानों की पूरी तरह पालना के निर्देश दिए है। उन्होंने आमजन से भी पखवाड़े के दौरान बेवजह घरों से बाहर निकलकर खुद के साथ परिजनों का जीवन खतरे में नहीं डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस पखवाड़े के दौरान बिना वजह बाहर निकलने वाले लोगों को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आने तक संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि कोरोना आपदा की महामारी में हर व्यक्ति की जीवन रक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति को लेकर हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रहे। संकट के इस समय में लाइफ सेविंग ही हमारा एक मात्र ध्येय है। उन्होंने कोविड प्रबंधन में लगे नोडल अधिकारियों से संसाधनों की उपलब्धता को लेकर पूरा फीडबैक लिया तथा प्रयास अधिक तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से संक्रमण और मृत्यु की दर बढ़ रही है, हमें हर संभावित स्थिति के लिए अभी से तैयारी रखनी होगी, तभी जाकर हम जिलेवासियों की जीवन रक्षा के संकल्प में कामयाब हो पाएंगे। बढ़ते हुए संक्रमण के कारण यह अत्यधिक सतर्कता बनाए रखने का समय है। इसके लिए महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़े की सख्ती से पालना कराएं।
उन्होंने संक्रमण की गति पर अंकुश लगाने के लिए अनुमत गतिविधियों के अतिरिक्त लोगों के मूवमेंट को कड़ाई से रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन एवं होम आईसोलेशन की संख्ती से पालना के साथ ही संक्रमण की रोकथाम के तमाम उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन, ऑक्सीजन एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए चिकित्सा विभाग युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना महामारी का संक्रमण रोकने के लिए काफी समय पहले से ही सभी उपखण्ड अधिकारियों को इंसीडेंट कमाण्डर के रूप में दायित्व सौंप रखे है। महामारी के इस दौर में जब अधिक संख्या में कोरोना रोगी मिल रहे है साथ ही महामारी के कारण संक्रमित मरीजों की जान जा रही है तब सभी क्षेत्रों में अनुपातिक रूप से पखवाड़े के लिए जारी गाइडलाइन की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करवाना जरूरी है। आमजन को भी चाहिए कि वे गाइडलाइन की पूरी पालना कर जिला प्रशासन के प्रयासों में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े के लिए 17 मई तक की जारी गाइडलाइन में कोरोना संक्रमण की चेन तौड़ने के लिए सरकार ने कई पाबंदिया लागू की है। ये पाबंदियां आमजन के हित में है।

आपदा के इस दौर में बिना वजह बाहर निकलकर आमजन खुद के साथ खुद के परिवार का जीवन खतरें में डाल सकते है।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में कई विवाह समारोह प्रस्तावित है। इन विवाह समारोह के लिए राज्य सरकार ने मेहमानों की अधिकतम संख्या 31 अनुमत की है। इसमें बैण्डवादकों को शामिल नहीं किया गया है। विवाह समारोह में अत्याधिक भीड़ एकत्र करने पर जुर्मानें तथा सख्ती का प्रावधान किया गया है। आमजन से अपेक्षा है कि बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही विवाह समारोह का आयोजन करें। इनमें भी बहुत आवश्यक मेहमानों को बुलाया जाए ताकि संक्रमण का प्रसार न हो सके। विवाह समारोह के आयोजनों में कोविड़ गाइडलाइन की पालना के लिए जिलाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए है।