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खीमाराम मेवाडा
जालोर-जालोर में सरकारी काम के बाद पेमेंट नहीं मिलने को लेकर ठेकेदारों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने धरना शुरू कर दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि अधीक्षण अभियंता (SE) लक्ष्मण सिंह सांदू पेमेंट के बदले 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं।
जालोर जिले की पंचायत समिति चितलवाना में वॉटर शेड का काम किया गया था। ठेकेदारों का कहना है कि काम साल भर पहले पूरे हो चुके। लेकिन काम का भुगतान रुक गया। अधीक्षण अभियंता (SE) लक्ष्मण सिंह सांदू पिछले दो साल से अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे हैं। वे बिल पास करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन (रिश्वत) की खुली मांग कर रहे हैं। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि कमीशन न देने पर फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है।
इससे नाराज ठेकेदारों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन में क्या लिखा
पंजीकृत ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अधीक्षण अभियंता की शिकायत की है। ज्ञापन में ये आरोप लगाए गए
हैं-
भुगतान नहीं होने से मजदूरों, कारीगरों और सप्लायरों के पैसे अटक गए हैं। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर है। नियमानुसार कार्यों में कोई कमी थी तो लिखित नोटिस दिया जाना चाहिए था। नोटिस आज तक नहीं दिया गया।
MISA-22 के तहत स्वीकृत होने वाले काम के आवंटन में भारी भेदभाव किया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता लक्ष्मण सिंह सांदु और सहायक अभियंता (AEN) अंकित जीनगर ने मिलीभगत कर अधिकांश कामों की स्वीकृतियां केवल बागोड़ा पंचायत समिति में ही दी हैं।
वर्तमान में सहायक अभियंता अंकित जीनगर के पास 4 अतिरिक्त चार्ज हैं। इसलिए वे निष्पक्ष काम करने में सक्षम नहीं हैं।निलंबन और उच्च स्तरीय जांच की मांग
ठेकेदारों ने जालोर एडीएम राजेश मेवाड़ा को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा- दोनों अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और लंबित भुगतानों का निस्तारण नहीं हुआ तो समस्त पंजीकृत ठेकेदार जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे।


