दो बच्चों संग कामेश्वर महादेव मंदिर पहुंची मादा भालूः रोमांचित हुए श्रद्धालु, वन विभाग ने जारी की चेतावनी
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
सिरोही-शिवगंज तहसील के प्रसिद्ध कामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बीती रात एक भालू अपने दो बच्चों के साथ विचरण करता दिखाई दिया। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर क्षेत्र में भालू परिवार को घूमते देख श्रद्धालुओं में पहले कौतूहल का माहौल बना, लेकिन कुछ ही देर बाद लोग संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क हो गए। घटना के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोन में भालू और उसके बच्चों के वीडियो भी कैद किए।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और सतर्कता
जानकारी के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में भालू और उसके बच्चों को घूमते हुए देखा। शुरुआत में लोगों में उत्साह देखने को मिला, खासकर उन श्रद्धालुओं में जिन्होंने पहली बार बच्चों के साथ भालू को इतने करीब से देखा था। हालांकि, मादा भालू के स्वभाव को देखते हुए लोगों ने समझदारी दिखाई और तुरंत सुरक्षित दूरी बना ली।
कुछ देर घूमने के बाद जंगल की ओर लौटा
भालू अपने दोनों बच्चों के साथ मंदिर परिसर में काफी देर तक निश्चिंत होकर घूमता रहा। इसके बाद वह वापस जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित लौट जाने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।वन विभाग ने श्रद्धालुओं को किया सतर्क
मंदिर के सेवक और वन विभाग लगातार श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह देते रहते हैं। उनका कहना है कि मादा भालू अपने बच्चों के साथ होने पर सामान्य से अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकती है, क्योंकि वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रहती है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भालुओं की गतिविधियां
कामेश्वरजी तीर्थ स्थल के आसपास इन दिनों भालू अपने बच्चों के साथ अक्सर विचरण करते देखे जा रहे हैं। वन विभाग और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भालुओं के स्वच्छंद विचरण में किसी प्रकार की बाधा न डालें और विशेष रूप से रात्रि के समय संबंधित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
तीन जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
कामेश्वर महादेव मंदिर सिरोही, जालोर और पाली जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव को उकसाने से बचने की अपील की है।

