अन्याय के खिलाफ बुलंन्द आवाज”,रेलवे वेंटिंग टिकट प्रणाली में सुधार और श्रेणियों के आधार पर भेदभावपूर्ण ‘कैसलेशन चार्ज को समाप्त करो
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
“अन्याय के खिलाफ बुलंन्द आवाज”,रेलवे वेंटिंग टिकट प्रणाली में सुधार और श्रेणियों के आधार पर भेदभावपूर्ण ‘कैसलेशन चार्ज को समाप्त करो
क्लर्के चार्ज’ वसूलना जनता के साथ सीधी लूट – भंडारी
तखतगढ 13 मई (खीमाराम मेवाडा) रेलवे वेंटिंग टिकट प्रणाली में सुधार और श्रेणियों के आधार पर भेदभावपूर्ण ‘कैसलेशन चार्ज को समाप्त करने की मांग को लेकर अन्याय के खिलाफ बुलंन्द आवाज” उठाने वाले पैसेंन्जर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता हीराचंद भंडारी ने देश के प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री सहित रेलवे बोर्ड को पत्र भेज कर अवगत करवाया कि इस पत्र के माध्यम से रेलवे की वर्तमान रिफंड नीति में व्याप्त विसंगतियों और यात्रियो के आर्थिक शोषण की और आपका ध्यान आकर्षित करते है की इस सम्बन्ध में मुख्य बिन्दु और सुझाव यह है
श्रेणीवार कटौती का अतार्किक आधार
(sleeper, 3AC,2AC, 1AC) अलग-अलग शुल्क काटता है। लेकिन प्रश्न यह हैं कि कि क्या उच्च श्रेणी के टिकट को निरस्त करने में रेलवे को अत्तिरिक्त संसाधन या श्रन खर्च करना पड़ता हैं ? जब कंम्यूटर सिस्टम वही हैं प्रिटर वही हैं। और क्लर्क का कार्य भी समान हैं। तो एसी श्रेणीयों में अधिक कटौती क्यो ?
पूंजी यात्री की, लाभ रेलवे का
उच्च श्रेणी के टिकट के लिये यात्री बड़ी धन राशि अग्रिम (ADVANCE) जमा कराता है इस पर रेलवे को बिना ब्याज के भारी पूंजी मिलती हैं सेवा न दे पाने की स्थिति में यात्री को दण्डित करना और उससे अधिक चार्ज वसूलना ‘जनसेवा के सिद्धांतों के विरूद्ध हैं।
एक समान और न्यूनतम कटौती
पत्रों में बताया कि हमारी मांग हैं कि द्वितीय श्रेणी साधारण से लेकर सभी उच्च आरक्षित श्रेणियों में कटौती की दर ‘व्यावहारिक’ और ‘एक समान’ होनी चाहिये। चूंकि रेलवे का प्रशासनिक खर्च हर श्रेणी के लिये एक जैसा है, इसलिये यह शुल्क भी बराबर और न्यूनतम दस रूपये होना चाहिये।
वैटिंग और अतिरिक्त कोच
उन्होंने बताया कि रेलवे को बुकिग के समय ही कन्र्फम होने की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये। यदि वेंटिग एक सीमा से बाहर हैं, तो या तो बुकिंग बंद हो या फिर अतिरिक्त कोच लगाने की शत-प्रतिशत गांरटी दी जायें।
डिजिटल लूट पर रोक
भंडारी ने यह भी मांग की है कि डिजिटल इंडिया के दौर में ऑटो कैंसलेशन पर ‘क्लर्के चार्ज’ वसूलना जनता के साथ सीधी लूट हैं वेंटिंग टिकट कन्फैँम न होने पर पूर्ण रिफड (full refund) मिलना यात्रियों का अधिकार हैं। पैसेंन्जर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति का आग्रह हैं कि रेल विभाग को इन नियमों को न्यायसंगत और तर्कसंगत बनाने के निर्देश दें। जनमानस में रेल के प्रति विश्वास तभी सुदृढ़ होगा जब नियम पारदर्शी और शोषणमुक्त होगे।आशा है कि आप जालोर (राजस्थान) और देश के समस्त रेल यात्रियों की इस आवाज को प्राथनिक्रन्ना देंगे।

