पाली-पुलिसवाला बनकर महिला से ठगे 7 लाखः बोला-बेटे को कॉन्स्टेबल, बेटी को सरकारी टीचर बना दूंगा; पुलिस की ड्रेस-जूते भी खरीदकर दिए
PALI SIROHI ONLINE
पाली-पाली में पुलिसवाला बनकर महिला के बेटे को कॉन्स्टेबल और बेटी को सरकारी टीचर बनाने का झांसा देकर ठगी कर ली। आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में 7 लाख रुपए ले लिए। भरोसा दिलाने के लिए पुलिस की ड्रेस, जूते और अन्य सामान भी दिलवाए। दो महीने बाद महिला ने 2 मई को सुमेरपुर थाने में मामला दर्ज कराया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बनाई पहचान, भरोसा जीतकर किया झांसा
सुमेरपुर थाना SHO सवाई सिंह ने बताया- कोलीवाड़ा की रहने वाली कमला (48) पत्नी प्रकाश कुमार ने रिपोर्ट दी है। महिला ग्राम पंचायत कोलीवाड़ा में आंगनबाड़ी में साथिन के पद पर पोस्टेड है। काम से सुमेरपुर कार्यालय आना-जाना रहता है। इसी दौरान करीब चार महीने पहले उनकी मुलाकात पोमावा निवासी खेताराम (34) उर्फ विक्रम पुत्र लादारामजी से हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को पुलिस विभाग में कर्मचारी बताते हुए सुमेरपुर में ही तैनात होने की बात कही।सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लिया पैसा
आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उसके बेटे को पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल और बेटी को सरकारी टीचर लगवा सकता है। उसने कहा कि विभाग में ऊपर तक सेटिंग कर नौकरी लगवा देगा। महिला ने इस पर भरोसा कर उसे रुपए देने शुरू कर दिए।
तीन किश्तों में 7 लाख रुपए हड़पे
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने अलग-अलग जगहों पर महिला से कुल 7 लाख रुपए लिए। पहली किश्त के रूप में करीब एक महीने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने 2 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद 6-7 मार्च 2026 को कोलीवाड़ा स्थित महिला की दुकान से 2 लाख रुपए लिए। फिर 15 मार्च 2026 को पाली बस स्टैंड के पास रामजी मंदिर के पास 3 लाख रुपए और दिए गए। इसके बावजूद आरोपी ने न तो बच्चों की नौकरी लगवाई और न ही रुपए लौटाए।
विश्वास दिलाने के लिए दिया पुलिस का सामान
महिला को भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने उसे पुलिस विभाग के जूते, कैप, शोल्डर, बेल्ट और मोनोग्राम जैसे सामान भी दिए, जो अभी तक महिला के पास मौजूद हैं। इतना ही नहीं, वह महिला के बेटे जितेंद्र को शिवगंज स्थित एक टेलर की दुकान पर ले गया और पुलिस वर्दी का नाप भी। दिलवाया, जिसकी रसीद भी सुरक्षित है।
