आहोर-भीषण गर्मी में सूखे तल पर गूंज रही पक्षियों की प्यास का सहारा बने: भरत कुमावत
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
भीषण गर्मी में सूखे तल पर गूंज रही पक्षियों की प्यास का सहारा बने: भरत कुमावत
तरोड नाड़ा में निजी कृषि कुएं से डाला पानी : पशु -पक्षियों के लिए होगा जीवनदान:-
तखतगढ 4 मई (खीमाराम मेवाडा) आहोर उपखंड क्षेत्र के रोडला गांव से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर पादरली- रोडला ग्रेवल सड़क मार्ग पर स्थित तरोड नाड़ी में भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों और पशु-पक्षियों के लिए किसान पुत्र भरत कुमार धनाजी कुमावत ने अपने निजी कृषि फार्म से पाइपलाइन जोड़कर सुखे पड़ी तरोड नाडी में पानी छोडा। युवाओं ने बताया कि तरोड नाड़ी पूरी तरह सूख चुका था और आसपास पानी का कोई अन्य स्रोत उपलब्ध नहीं था। तो करीब दौ सौ मीटर से अधिक करीब बीस से अधिक पाइपों को जोड़कर नाड़ी में पशु -पक्षियों के लिए पानी छोड़ा।
यह क्षेत्र गांव से दूर होने एवं जंगली भू भाग होने के कारण यहां बड़ी संख्या में नीलगाय, खरगोश, बन्दर, कछुए,तीतर , बटेर समेत अनेक छोटे -बडे पक्षी और जीव-जंतु निवास करते हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीणों के पशु इसी नाड़ी पर पानी पीने आते हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के दौर में युवा भरत कुमावत व भंवर माधव ने पशु-पक्षियों के लिए इस तरह की पहल करते हुए निजी कृषि कुएं से नाड़ी में पानी छोड़कर जलापूर्ति की बात कही। वहीं युवा भरत कुमार कुमावत ने बताया कि गर्मियों में हर वर्ष जलसंकट गहराने पर वन्यजीवों को काफी परेशानी होती है।इसी को देखते हुए उन्होंने नाड़ी में पानी छोड़ने का निर्णय लिया ताकि बेजुबान जीवों को राहत मिल सके।


