पिंडवाड़ा में मजदूरों का फूटा गुस्सा, एस के खेतान कॉन्ट्रेक्टर कंपनी के खिलाफ 7 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही। पिंडवाड़ा में मजदूरों का फूटा गुस्सा, एस के खेतान कॉन्ट्रेक्टर कंपनी पिण्डवाड़ा के खिलाफ 7 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।
पिंडवाड़ा। क्षेत्र में संचालित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं। एस के खेतान ठेकेदार के अधीन कार्यरत डंपर ड्राइवरों व कोयला यार्ड के श्रमिकों ने जिला कलेक्टर व श्रम कल्याण विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर 7 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि तय समय में सुनवाई नहीं होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा उनसे निर्धारित समय से अधिक कार्य लिया जा रहा है, जिससे शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में उन्होंने कार्य समय 8 घंटे निर्धारित करने की मांग रखी है।
वेतन भुगतान को लेकर भी श्रमिकों में रोष है। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक माह की 1 से 7 तारीख के बीच वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मजदूरों का कहना है कि भुगतान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए हैं। श्रमिकों ने मांग की है कि कार्य के दौरान दुर्घटना या चोट लगने की स्थिति में ठेकेदार द्वारा पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उपचार व मुआवजा दिया जाए। साथ ही ओवरटाइम का भुगतान दोगुना किया जाए।
इसके अलावा राष्ट्रीय अवकाश लागू करने, प्रति माह 4 दिन अवकाश देने तथा 26 दिन की ड्यूटी तय करने की मांग भी रखी गई है। श्रमिकों का कहना है कि लगातार काम के कारण उन्हें पर्याप्त विश्राम नहीं मिल पाता, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
इस दौरान गणेशाराम, रमेश कुमार, कलाराम, शंकर लाल, वीरमाराम, प्रभु राम, बलराम, सुरेश कुमार, मोहनलाल, नीरज कुमार, मनोज कुमार, संग्राम, भैराराम, शैतान सिंह, रमेश कुमार सहित कई मजदूर मौजूद रहे और एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा।
वहीं ठंडी बेरी सरपंच प्रशासक प्रतिनिधि केसाराम गरासिया भी मजदूरों के समर्थन में नजर आए। वही अमराराम समाज सेवी भी मौजूद हुए व उन्होंने मजदूरों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित ठेकेदार मजदूरों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं या आने वाले दिनों में यह मामला आंदोलन का रूप लेता है।
