सादड़ी-पृथ्वी के प्रति मातृभाव रखते हुए इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्य करें -माली
PALI SIROHI ONLINE
सादड़ी-पृथ्वी के प्रति मातृभाव रखते हुए इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्य करें -माली
सादड़ी 22अप्रेल। पृथ्वी हमारी मां है,हम इसके पुत्र पुत्रियां हैं। पृथ्वी के प्रति मातृभाव रखते हुए इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्य करें तभी पृथ्वी दिवस मनाना सार्थक होगा। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने स्थानीय देवीचंद मयाचंद बोरलाई वाला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादड़ी में पृथ्वी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि हमारी संस्कृति पर्यावरण मित्र संस्कृति है,हम अपने जीवन में ऐसा कोई काम नहीं करें कि पृथ्वी के अस्तित्व को खतरा हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से पृथ्वी को स्वच्छ बनाएं रखने, पालीथिन व प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग करने व पौधरोपण करने का आह्वान किया। इससे पहले स्काउटर हेमंत गर्ग व एन एस एस प्रभारी काना राम सोलंकी ने पृथ्वी दिवस के महत्व व प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। संस्था प्रधान मीठालाल बोराणा ने पृथ्वी दिवस पर सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
उप प्राचार्य नरेंद्र राठौड़ ने आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर निबंध व चार्ट प्रतियोगिता में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों प्रिया कुंवर, लक्ष्य राज व हनीफा बानु को अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली व संस्था प्रधान मीठालाल बोराणा के करकमलों से पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मोहनलाल जाट, शिवपाल सिंह चारण, गणपत सिंह,राजु, वीरेंद्र सिंह भाटी, कमलेश रिंडर, राकेश पुरी गोस्वामी,मंगल सिंह भाटी,सुमन न्यौल, गायत्री देवी शर्मा, नवदीप कुमार समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
इससे पहले माली ने पीएम श्री श्री धनराज बदामिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सादड़ी में पृथ्वी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया तथा पृथ्वी के संरक्षण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
इस अवसर पर संस्था प्रधान मधु कुमारी गोस्वामी, कन्हैयालाल, प्रकाश कुमार शिशोदिया ने भी विचार व्यक्त किए।इस अवसर पर मनीषा ओझा,रमेश सिंह राजपुरोहित, रमेश कुमार वछेटा, सुशीला सोनी, कविता,केनाराम, पुरुषोत्तम समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने पृथ्वी को बचाने का संकल्प लिया।
उल्लेखनीय है कि 22अप्रेल को पृथ्वी दिवस पर विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना था।
