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चित्तौड़गढ़-चित्तौड़गढ़ के एक बिजनेसमैन ने सांवरिया सेठ को महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर चढ़ाया है। शुक्रवार को वे परिवार के साथ पहुंचे थे।
जहां जिले के बबराना निवासी बिजनेसमैन गोविंदलाल विजयवर्गीय ने अपने परिवार के साथ पूजा की और ट्रैक्टर की चाबी मंदिर मंडल को सौंपी।
इस ट्रैक्टर की कीमत करीब 7 लाख 11 हजार रुपए बताई जा रही है। गोविंदलाल की ट्रैक्टर की एजेंसी है। इस बार मुनाफा होने के बाद उसका एक हिस्सा सांवरिया सेठ को सौंपा। यहां तक की उनकी एजेंसी भी सांवरिया सेठ के नाम से है। बिजनेसमैन का कहना है कि सबकुछ इन्हीं की वजह से है।परिवार के साथ पहुंचकर मंदिर मंडल को सौंपा ट्रैक्टर
ट्रैक्टर भेंट करने के दौरान गोविंदलाल विजयवर्गीय के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। ट्रैक्टर मिलने के बाद मंदिर प्रशासन और मंदिर मंडल के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे शुरू से भगवान सांवरिया सेठ में गहरी आस्था रखते हैं और मंदिर सेवा में सहयोग करना अपने लिए सौभाग्य मानते हैं।
उनका कहना है कि भगवान की कृपा से ही परिवार को व्यापार में सफलता मिली है। इसलिए वे समय-समय पर मंदिर में सेवा और सहयोग करते रहते हैं।
महिंद्रा ट्रैक्टर की डीलरशिप, ‘सांवरिया ट्रैक्टर्स’ नाम से शोरूम
गोविंद विजयवर्गीय ने बताया कि उनका व्यवसाय ट्रैक्टर से जुड़ा हुआ है और चित्तौड़गढ़ जिले में महिंद्रा कंपनी के ट्रैक्टर की डीलरशिप उनके पास है। उन्होंने बताया कि उनका शोरूम भी भगवान सांवरिया सेठ के नाम पर ही “सांवरिया ट्रैक्टर्स” के नाम से संचालित किया जा रहा है।
परिवार का मानना है कि भगवान की कृपा से ही व्यापार में निरंतर तरक्की हुई है और इसी वजह से वे अपनी सफलता का श्रेय भगवान को देते हैं। उन्होंने कहा कि जब भगवान की कृपा से व्यवसाय अच्छा चलता है तो उसका कुछ हिस्सा मंदिर में लगाना उनके परिवार की परंपरा रही है।
मंदिर की गौशाला और खेती के काम में आएगा ट्रैक्टर
उन्होंने बताया कि मंदिर मंडल के पास काफी बड़ी जमीन है, जहां खेती का काम किया जाता है और गौशाला के लिए हरा चारा भी तैयार किया जाता है। ऐसे में ट्रैक्टर मंदिर के कई कामों में उपयोगी साबित होगा। इससे खेतों की जुताई चारा काटने और लाने के साथ-साथ पानी के टैंकर चलाने जैसे काम भी आसानी से किए जा सकेंगे।
गोविंद विजयवर्गीय ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब मंदिर को ट्रैक्टर भेंट किया है। इससे पहले भी पिछले साल मार्च महीने में मंदिर को एक ट्रैक्टर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से उनका परिवार मंदिर सेवा के रूप में ट्रैक्टर भेंट कर रहा है और आगे भी भगवान की कृपा रही तो इसी तरह सेवा करते रहेंगे।
उनका कहना है कि व्यापार में जो भी लाभ और सफलता मिली है, वह भगवान सांवरिया सेठ की कृपा से ही संभव हुई है, इसलिए मंदिर सेवा करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।
