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माउंट आबू-राजस्थान हाई कोर्ट की डबल बेंच ने माउंट आबू और आबूरोड के कई क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर आगामी 24 मार्च तक रोक लगा दी है। शुक्रवार को नितिन जैन, मनोज चौरसिया व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह विस्तृत आदेश पारित किया। इस रोक के दायरे में माउंट आबू का समस्त क्षेत्र, आबूरोड के दानवाव, उमरणी, ब्रह्माकुमारीज के शांतिवन, मनमोहिनी कॉम्प्लेक्स और आनंद सरोवर सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता राजेश शाह ने कोर्ट में दायर डीबी सिविल रिट पिटीशन संख्या 4523/2026 में जानकारी दी कि माउंट आबू में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहा है। इसमें वन और जंगल की जमीन पर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने आबूरोड के दानवाव, उमरणी और ब्रह्माकुमारीज के शांतिवन, मनमोहिनी परिसर तथा आनंद सरोवर के आसपास के इलाकों में भी इसी तरह के निर्माण का जिक्र किया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधु की खंडपीठ ने अपने निर्णय में इस बात पर हैरानी जताई। न्यायालय ने कहा कि माउंट आबू सबसे सुरक्षित वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है, जिसे नियमों के तहत अधिसूचित किया गया है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे पूरी पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचेगा।
कोर्ट ने जिला कलेक्टर, राजस्थान सरकार के एडवोकेट जनरल, सबडिविजनल ऑफिसर आबूरोड और तहसीलदार आबूरोड को अगली सुनवाई, जो 24 मार्च को होनी है, तक उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने यह भी निर्देश जारी किया कि माउंट आबू के इको-सेंसिटिव जोन में बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। यदि इससे संबंधित कोई मामला सामने आता है, तो इसके लिए सिरोही के एडिशनल एसपी जिम्मेदार होंगे।
यह रोक माउंट आबू और आबूरोड के ग्रामीण क्षेत्रों में अगली सुनवाई की तिथि तक लागू रहेगी।

