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बेंगलुरु के राणासिंग पेठ में राजस्थान राजपूत समाज का होलीका एवं ढूंढ उत्सव धूमधाम से सम्पन्न
बेंगलुरु (दलपतसिंह भायल) राणासिंग पेठ क्षेत्र में राजस्थान राजपूत समाज की ओर से बुधवार को होलीका दहन एवं ढूंढ उत्सव का भव्य और पारंपरिक आयोजन बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा वातावरण रंग, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका पूजन से हुई। पंडितों द्वारा पूजा-अर्चना कर समाज और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की कामना की गई। इसके पश्चात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। जैसे ही अग्नि प्रज्वलित हुई, उपस्थित श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर अपने परिवार की खुशहाली और नकारात्मक शक्तियों के नाश की प्रार्थना की। वातावरण “होली है” के जयघोष से गूंज उठा।
होलिका दहन के बाद ढूंढ उत्सव का आयोजन किया गया, जो विशेष रूप से नवजात और छोटे बच्चों के लिए मनाया जाता है। बच्चों को पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजाकर मंच पर लाया गया, जहां समाज के बुजुर्गों ने उन्हें तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर माताओं और परिवारजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान पहनकर लोकगीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने सभी का मन मोह लिया। गैर नृत्य और पारंपरिक होली गीतों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। युवाओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समाज के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि महानगर में रहकर भी अपनी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को जीवंत रखना हम सभी का दायित्व है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है और समाज में एकता एवं भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों के लिए प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था की गई। आयोजन की सफलता में समाज के सभी सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सौहार्द और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।
