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खीमाराम मेवाडा
कैडर अथॉरिटी गठन एवं अन्य प्रलंबित मांगों के निराकरण के अभाव में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान,राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने उप रजिस्ट्रार एवं प्रबंध निदेशक शाहिद सहकारी का मंत्री को सोपे ज्ञापन
तखतगढ 1 माचॅ (खीमाराम मेवाडा) इस बार होली के ठीक 1 दिन पूर्व जिले पर में संचालित ग्राम सहकारी समितियो मैं सेवारत कर्मचारियों द्वारा कैडर अथॉरिटी गठन एवं अन्य प्रलंबित मांगों के निराकरण के अभाव में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान करते हुए राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में पाली जिला मुख्यालय स्थित प्रधान कार्यालय पहुंचकर उप रजिस्ट्रार एवं प्रबंध निदेशक सहित सहकारीता मंत्री के नाम ज्ञापन सौपकर जिले भर के किसानों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। कार्य बहिष्कार करने से अब किसानों पर कितना प्रभाव पड़ेगा जिसकी कोई सीमा नहीं है क्योंकि इन दोनों हर सहकारी समिति में किसानों के खाद बीज ऋण वितरण पीडीएस जैसी योजनाएं एवं सहकारिता विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाएं धूमिल हो सकती है।
साथ ही व्यवस्थापकों में भी भारी रोश देखने को मिल रहा है संघर्ष समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा अपनी न्यायोचित मांगों के समर्थन में समय-समय पर विभाग को अवगत कराया जाता रहा है। विदित रहे कि पूर्व में प्रेषित मांग पत्र 06. अगस्त 2025 पर प्रभावी कार्यवाही न होने की स्थिति में समिति द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के प्रदत्त अधिकारों के तहत विधिक नोटिस जारी कर लोकतांत्रिक आंदोलन का मार्ग प्रशस्त किया गया था। विभागीय स्तर पर संपन्न वार्ताओं 29. सितंबर.2025, 01. अक्टूबर 2025, 03. अक्टूबर.2025 एवं 06. अक्टूबर 2025) में प्राप्त ठोस आश्वासनों एवं कैडर अथॉरिटी के गठन हेतु उच्च स्तरीय प्रतिबद्धता के दृष्टिगत, संघर्ष समिति ने व्यापक जनहित एवं किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए आंदोलन को 7. अक्टूबर 2025 को स्थगित जारी कर चरणबद्ध रूप से स्थगित रखा था।
अत्यंत खेद का विषय है कि समिति द्वारा कैडर अथॉरिटी के प्रारूप के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत करने के उपरांत भी, वर्तमान तक विभाग द्वारा केवल कागजी औपचारिकताएं ही पूर्ण की गई हैं, जबकि धरातल पर कोई भी ठोस आदेश प्रसारित नहीं हुआ है। प्रशासनिक शिथिलता एवं वायदा खिलाफी से कर्मचारियों में व्याप्त भारी रोष के फलस्वरूप, संघर्ष समिति द्वारा सर्वसम्मति से अग्रिम आंदोलन की रूपरेखा निर्धारित की गई है। की यह बहिष्कार तब तक अनवरत जारी रहेगा, जब तक कि सहकारिता मंत्री के हस्ताक्षर युक्त कैडर अथॉरिटी गठन का लिखित/प्रमाणिक आदेश प्राप्त नहीं हो जाता।
- यदि दिनांक 04.03.2026 तक सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो संघर्ष समिति अपने पूर्व पत्रांक (दिनांक 01.12.2025, 04.02.2026 एवं 12.02.2026) के अनुरूप ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्वायत्तता अक्षुण्ण रखने हेतु विधि सम्मत कठोर निर्णय लेने को बाध्य होगी।
समितियों के संचालक बोर्ड द्वारा स्वतंत्र प्रस्ताव पारित कर कर्मचारी नियोजन, सेवा-सुरक्षा, चिकित्सा लाभ, पेंशन लाभ एवं अर्जित / संचित अवकाश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर स्वयं निर्णय लेकर लागू किया जाएगा।
सहकारिता विभाग / रजिस्ट्रार द्वारा जारी पैक्स व्यवस्थापकीय सेवानियम-2022 एवं केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा अधिरोपित विसंगतिपूर्ण नियमों के परीक्षणोपरांत, समितियों के हितों के संरक्षण हेतु इन्हें अनंगीकार करने की प्रक्रिया अविलंब अमल में लाई जाएगी।
समितियों की प्रशासनिक सुदृढ़ता हेतु पैक्स द्वारा स्वयं के आदर्श सेवानियम तैयार किए जाएंगे। राजस्थान की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों में प्रशासनिक एकरूपता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने हेतु इन नियमों को व्यापक स्तर पर अंगीकार कर लागू किया जाएगा।
वर्तमान में समितियों की करोड़ों रुपये की हिस्सा राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों में जमा है। समितियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने हेतु उक्त राशि की निकासी कर, उसे भारतीय नियामक संस्थाओं के अंतर्गत सावधि जमा के रूप में विनियोजित किया जाएगा, ताकि समिति को उच्च ब्याज दर का लाभ प्राप्त हो सके।
अतः आ द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अविलंब कैडर अथॉरिटी के गठन के निर्णायक आदेश जारी करवाएं। दिनांक 4 मार्च 2026 के पश्चात होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति, प्रशासनिक
गतिरोध एवं अन्नदाता (किसानों) को होने वाली असुविधा की समस्त नैतिक व विधिक जिम्मेदारी सहकारिता विभाग एवं शासन की होगी





