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बाली उपखंड के चामुंडेरी स्थित राजकीय चिकित्सालय में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन पाली जिला मुख्य चिकित्सा स्वास्थ अधिकारी डॉ विकास मारवाल और बाली ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ हितेन्द्र वागोरिया के निर्देशन में चामुंडेरी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ राहुल सेन के नेतृव में किया गया। जिसमे नर्सिग कर्मियों आशाओं ने भी विशेष सहयोग किया।
इस शिविर का आयोजन जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया, ताकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को समय पर बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अभियान के तहत चामुंडेरी राजकीय चिकित्सालय सहित क्षेत्र के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती माताओं और बहनों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में महिलाओं की आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, शुगर सहित अन्य नियमित परीक्षण शामिल रहे।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क दवाइयां, जांच सुविधाएं एवं चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, समय पर प्रसव पूर्व देखभाल एवं सुरक्षित प्रसव के प्रति जागरूक किया।
डॉ राहुल सेन ने बताया कि राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर को कम करने तथा स्वस्थ शिशु जन्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
चामुंडेरी प्रसासक जसवंत राज मेवाडा ने भी स्थानीय महिलाओं ने इस स्वास्थ्य शिविर से लाभ मिलने पर विभाग एवं चिकित्सकीय टीम के प्रति संतोष व्यक्त किया।
डॉ राहुल सेन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं को हर महीने की 9,18, 27 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क प्रसवपूर्व (ANC) जांच और उपचार प्रदान किया जाता है। इसमें विशेष रूप से दूसरी या तीसरी तिमाही की महिलाओं की ओबीजीवाई (OBGY) चिकित्सको द्वारा जांच, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, अल्ट्रासाउंड, आवश्यक दवाएं, आयरन-कैल्शियम गोलियां और हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान की जाती है।
बाली उपखण्ड के चामुंडेरी चिकित्सालय के अंतर्गत लुंदारा लालपुरा मालदर गाव ढाणियों के सुदूर या दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के अस्पताल तक आने-जाने के लिए परिवहन की सुविधा नही होने के चलते सभी गाव ढाणियों की आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती मात्रशक्तियो की स्वास्थ्य जांच कर दवाइया दी गई






