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तिथि संवत् : फाल्गुन, कृष्ण पक्ष अमावस्या, मंगलवार सायं 05:31 तक रहेगी। विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह सावान, तारीख 28, सूर्य उत्तरायण,शिशिर ऋतु, 17 फरवरी। सूर्योदय कालीन नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि 09:16 तक,
इसके बाद शतभिषा नक्षत्र रहेगा। परिघ योग रात्रि 12:29 तक, इसके बाद शिव योग रहेगा। नाग करण सायं 05:31 तक, इसके बाद किंस्तुघ्न करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30) सूर्य-कुंभ, चंद्र-मकर, मंगल-मकर, बुध-कुंभ, गुरु-मिथुन, शुक्र-कुंभ, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल :दोपहर 3:00 से 4:30 तक रहेगा।
दिशाशूल : उत्तर दिशा यदि अत्यावश्यक कार्य हो तो गुड़ खाकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : देवपितृकार्य अमावस्या, भौमवती अमावस्या, शिव खप्पर पूजा, मन्वादि, पंचक प्रारंभ प्रातः 09:06 से, कंकण सूर्यग्रहण भारत में अदृश्य।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 09:53 से 11:17 तक चर का, प्रातः 11:17 से दोपहर 02:05 तक लाभ व अमृत का, दोपहर 03:28 से सायं 04:52 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज पितृगण के निमित्त अपने हाथ में जल, कुशा, अक्षत, पुष्प और काले तिल लेकर दोनों हाथ जोड़कर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का नाम पूर्वक ध्यान करते हुए तर्पण करें। ऐसा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और वंश वृद्धि होती है। आज मंगलवार को मसूर दाल व लाल वस्त्र दान करने एवं भौम देवता की लाल गंध, पुष्प, चंदन आदि से पूजा कर व्रत करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं। परिघ योग में जूते का दान करना शुभ फलदायी होता है।

