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सिरोही-संघवी भेरूतारक धाम का रजत महोत्सव 18 फरवरी से शुरू होगा, 20 फरवरी को 26 वां ध्वजारोहण होगा
सिरोही रेवदर नेशनल हाईवे मार्ग पर अनादरा के निकट स्थित संघवी भेरूतारक धाम तीर्थ में त्रिदिवसीय रजत महोत्सव 18 से 20 फरवरी को 5 आचार्य भगवंतो एंव अनेको साधु-साध्वियों की पावन निश्रा में मनाया जायेगा ओर इसके लिए व्यापक तैयारिया चल रही है।
यह तीर्थ आज से 25 वर्ष पूर्व बनाया था। इसकी अंजनशालाका प्रतिष्ठा 26 फरवरी 2001 को 21 आचार्य भगवंतो, 500 से अधिक साधु-साध्वियों एवं हजारो भक्तो की पावन उपस्थिति में आध्यात्मिक योगी आचार्य भगवंत श्री कलापूर्णसूरीजी एवं दीक्षा दानेश्वरी आचार्य भगवंत गुणरत्नसूरीजी महाराज के कर कमलों से हुई थी।
यह तीर्थ आबू-देलवाडा तीर्थ की ऐतिहासिक तलहटी ओर प्राचीन चन्द्रावती नगरी की भूमि एवं सिरोही-मंडार-कांडला हाईवे 168 पर अनादरा मुख्य सडक से 2 किमी. अन्दर आबू-देलवाडा पैदल मार्ग पर बना हुआ हैं। जैन साधु-साध्वी भगवंत वर्षो से इसी पैदल मार्ग से देलवाडा-अचलगढ की तीर्थ यात्रा करते हैं।
श्री पावापुरी तीर्थ के साथ-साथ बना यह संघवी भेरूतारक धाम तीर्थ प्राकृतिक दृष्टि से बहुत ही लुभावना हैं, तीर्थ के पीछे आबू की हरी भरी पहाडिया हैं ओर नीचे करोडीध्वज बांध एवं प्राचीन सुर्यमंदिर हैं। यहां से प्रतिदिन सब्जी व दुध लेकर ग्रामीण आबू पैदल जाते है। पैदल मार्ग पर कच्ची सीढियां बनी हुई हैं। टेªकिग करने में रूची रखने वाले युवा भी इसी रास्ते से पैदल माउण्ट आबू आते-जाते हैं। तीर्थ धाम में आवास के लिए धर्मशाला एवं भोजन के लिए भोजनशाला एवं साधु-साध्वियों के लिए विश्राम के लिए उपासरे बने हुऐ हैं।
संघवी भेरूतारक धाम के रजत महोत्सव में निश्रा प्रदान करने के लिए 18 फरवरी को प्रातः 8.30 बजे गुरू भगवंतो का मंगल प्रवेश एवं सामैया होगा, 10 बजे मांगलिक प्रवचन, दोपहर 2 बजे मंदिर में 18 अभिषेक एवं रात्रि में प्रभु भक्ति शिवगंज के कमलेश भाई, सुरत के मनन भाई संघवी एवं मुंबई के ईशान भाई दोशी करवायेगें।
तीर्थ के संस्थापक मोहनभाई संघवी एवं ललित भाई बी. संघवी ने बताया कि ध्वजारोहण के अवसर पर सूरिमंत्र समाराधक आबुगोडरत्न आचार्य रविरत्नसूरिश्वरजी, 490 श्रमणी गणनायक आचार्य रश्मिरत्नसूरिजी, आर्चाय उदयवल्लभसूरिजी, आचार्य ह्रदयवल्लभसूरिजी, आचार्य जयेशरत्नसूरिजी, पन्यास प्रवर वैराग्यरत्न, जितरत्नविजय, सौम्यागरत्न, श्रुतरत्न विजय, मुनिराज पूर्वरत्न एवं भव्यरत्न महाराज आदि विशाल समुदाय एवं साध्वीजी पुण्यरेखाश्रीजी की शिष्या कुलरेखाश्रीजी, उज्जवलरेखाश्रीजी, हितरेखश्रीजी, अनुपमरेखाश्रीजी एवं मालगांव कुलदीपिका साध्वी तीर्थेशरेखाश्रीजी पधारेगें।
तीर्थ के सचिव अशोक एस. चैहान ने बताया कि 19 फरवरी को प्रात 9.30 बजे गुरूदेव के प्रवचन दोपहर 2 बजे संयम गुण संवेदना एवं रात्रि 8 बजे भिवंडी के हर्षिल भाई शाह, मुंबई मलाड के स्मित भाई कोठारी एवं शिवगंज के कमलेश भाई भक्ति भावना करायेगें।
25 वीं वर्षगांठ के समापन के अवसर पर 20 फरवरी को धाम में ध्वजा का वरघोडा प्रातः 9 बजे गाजते-बाजते जिनालय पहुंचेगा ओर वहां पर शुभ मुर्हुत में विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ 26 वीं ध्वजा फहराई जायेगी। इसके बाद गुरूभगवंत दोपहर 2.30 बजे हित शिक्षा प्रदान करेगें।

