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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ का ऐतिहासिक गंवई तालाब बनता जा रहा गंदे पानी का भंडार
कछुआ चाल से करोड़ों के सौंदर्यकरण पर उठ रहे सवाल
निवतॅमान अध्यक्ष बोले जल्द 3 करोड 75 लाख की लागत से बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है
तखतगढ़ 14 फरवरी ( खीमाराम मेवाडा) कस्बे का प्राचीन एव ऐतिहासिक गंवई तालाब, जो कभी पेयजल का प्रमुख स्रोत के साथ वर्षाजल संरक्षण का आदर्श उदाहरण हुआ करता था। लेकिन आज भयंकर बदहाल स्थिति में गंदे पानी के भंडार में तब्दील होता जा रहा है। जबकी एक ओर तालाब के सौंदर्यकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उसमें आसपास कॉलोनीयों से गिर रहे गंदी नालियों के गंदे पानी और अपशिष्ट को रोकने के लिए अब तक तो कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही। इस विरोधाभास ने आमजन में भारी आक्रोश और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते नजर दिखाई दे रहे हैं।
गंवई तालाब नगरवासीयो के लिए कभी था जीवनरेखा
तखतगढ़ का यह प्राचीन गंवई तालाब वर्षों तक कस्बे की जल आवश्यकता का मुख्य आधार रहा है। जो वर्षाजल संचयन के माध्यम से यह तालाब पूरे वर्ष भर पेयजल उपलब्ध कराता था। बडै बुजुर्ग बताते हैं। कि एक समय ऐसा था जब तालाब का पानी पीने, पशुओं के उपयोग और घरेलू जरूरतों के लिए भरोसेमंद स्रोत माना जाता था।
लेकिन अब बदलते समय के साथ तालाब का स्वरूप बिगड़ता गया और अब यह जल संरक्षण का केंद्र न रहकर गंदगी का संग्रह स्थल बनता जा रहा है।
गंदे नालों से आ रहा गंदा पानी, वर्षाजल से अधिक सीवरेज
कस्बे के खारचियावास, महावीर बस्ती, खेडावास और मुख्य चौराहे की ओर से आने वाले बरसाती नाले अब केवल वर्षाजल ही नहीं, बल्कि घरेलू अपशिष्ट, नालियों का गंदा पानी और ठोस कचरा भी तालाब तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के अलावा भी इन नालों से लगातार गंदा पानी तालाब में गिरता रहता जा रहा है। जिससे पानी की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
सौंदर्यकरण कार्य बनाम वास्तविक समस्या
यह है की पिछले करीब दो वर्षों से तालाब के सौंदर्यकरण के कार्य कछुआ चाल चल रहे हैं। लेकिन पिछले कई दिनों से कार्य बंद पड़ा हुआ है। सौंदर्यकरण मे तालाब किनारों का पक्का निर्माण,पाथवे और बैठने की व्यवस्था,रेलिंग और सौंदर्यात्मक संरचनाएं जैसे कार्य शामिल हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण के स्रोत को नहीं रोका गया, तो यह सौंदर्यकरण केवल दिखावा बनकर रह जाएगा। गंदे पानी से भरे तालाब के चारों ओर सुंदर दीवारें बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
गर्मियों में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा
उदाहरण यह है कि प्रतिदिन सैकड़ों गैलन गंदा पानी तालाब में मिलने से जल सड़ने की स्थिति में पहुंच रहा है। गर्मियों में जलस्तर कम होने पर भयंकर दुर्गंध और अधिक बढ़ जाती है। कि आमजन का तालाब से गुजरना मुश्किल हो जाता है। और आमजन को मुंह पर रुमाल बांधकर गुजरने को मजबूर होना पड़ता है इस से संभावित मच्छरों का अत्यधिक प्रजनन, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतराआसपास रहने वाले लोगों के लिए असहनीय दुर्गंध,भूजल प्रदूषण की आशंका बन जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या से भली-भांति अवगत हैं। फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि तालाब प्रदूषण से नहीं बच पाया, तो यह सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी सवाल खड़े करेगा।
इनका कहना है:-
तखतगढ़ का गंवई तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि कस्बे की ऐतिहासिक धरोहर और जल संरक्षण की पहचान है। यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों को केवल एक बदहाल, दुर्गंधयुक्त तालाब ही विरासत में मिलेगा। यह मुद्दा केवल सौंदर्यकरण का नहीं, बल्कि पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही का है। जहा घरेलू गंदे पानी के उचित ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में बरसाती नालों के माध्यम से दिन-रात सैकड़ों गैलन दूषित पानी का गांव के तालाब में एकत्र होना एक गंभीर पर्यावरणीय व स्वास्थ्य संकट का संकेत है। यह समस्या केवल जल प्रदूषण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण जीवन, पशुधन और भूजल गुणवत्ता पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव डाल सकती है।
—- भंवर मीना -निवर्तमान पार्षद तखतगढ
जल्द 3 करोड 75 लाख की लागत से बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है
तखतगढ नगर के प्राचीन गंवाई तालाब मे आसपास की बसतियो आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए बहुत ही जल्द 3 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू होगा। उसके लिए 3 करोड़ 75 लख रुपए पास करवा दिए जिसकी वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। और टेंडर भी लगा दिया है ट्रीटमेंट प्लांट तैयार होते ही आसपास की बस्तियों से आने वाला सारा गंदा पानी प्लांट के जरिए फिल्टर होकर शुद्ध पानी खेती के लिए या किसी भी कार्य में दिया जाएगा।
— ललित रांकावत- निवतॅमान अध्यक्ष नगर पालिका तखतगढ


