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उदयपुर-उदयपुर के बड़गांव सेटेलाइट हॉस्पिटल से एपीओ हुए डॉक्टर अशोक शर्मा ने करीब सवा 2 माह बाद 2 फरवरी 2026 को प्रभारी के तौर पर वापस जॉइन कर लिया। डॉ. शर्मा को 28 नवंबर 2025 को एपीओ किया गया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
कोर्ट ने उनके एपीओ आदेश को क्वैश कर दिया, जिसके बाद उन्होंने 2 फरवरी को फिर से ज्वाइन कर लिया। ज्वाइनिंग के दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग शामिल हुए। गाजे-बाजे से वे ज्वाइनिंग कराने पहुंचे। उनका साफा और फूलों की माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।जाति-नेता बराबर, इसलिए लाइन सबके लिए समान डॉ शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने मुझे हटाने के लिए पूरा जोर लगाया लेकिन हाईकोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला देते हुए एपीओ आदेश क्वेश कर दिया। मेरे जाने के बाद यहां डॉक्टर से लेकर चपरासी तक को दो माह से सैलेरी नहीं मिली।
क्योंकि वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मेरे पास थे। अब मैं आ गया हूं तो सैलेरी देने की प्रक्रिया शुरू होगी। डॉ शर्मा बोले-मेरे लिए हर जाति और नेता बराबर है। इलाज कराने आने वाले सभी अमीर-गरीब लोग लाइन में लगेंगे और मैं उनका इलाज करूंगा।
आदेश के खिलाफ ग्रामीणों ने किया था विरोध
28 नवंबर को एपीओ किए जाने के बाद डॉ शर्मा ने कहा था कि उन्हें कुछ स्थानीय नेताओं की झूठी शिकायत पर एपीओ किया गया है। इसके बाद डॉ शर्मा ने लगातार अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ वीडियो पोस्ट किए थे।
जिनमें चिकित्सा विभाग और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर करते कई सवाल उठाए थे। डॉ शर्मा के एपीओ आदेश के खिलाफ कई ग्रामीण समर्थन में उतरे थे और हॉस्पिटल बाहर जोरदार हंगामा किया था। उनके रिलीविंग के दौरान बच्चे से लेकर बुजुर्ग रोने लगे थे।
