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खीमाराम मेवाडा
सुमेरपूर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM), राजस्थान (उच्च शिक्षा) की राजकीय महाविद्यालय, सुमेरपुर इकाई द्वारा आज महाविद्यालय परिसर में काली पट्टी बांधकर राज्य सरकार की उच्च शिक्षा नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से ‘राजसेस’ योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों में संविदा आधारित नियुक्तियों का कड़ा विरोध किया है और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है।
महासंघ की इकाई सचिव धीरज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य भारत में बड़े, बहुविषयक और संसाधन-संपन्न शिक्षण संस्थान स्थापित करना है। लेकिन दुर्भाग्यवश, राजस्थान में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई राजसेस योजना के तहत संसाधन-विहीन और छोटे कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिन्हें वर्तमान सरकार भी निरंतर जारी रखे हुए है। महासंघ का स्पष्ट मत है कि यह मॉडल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को गिरा रहा है और विकसित भारत @2047 के संकल्प को कमजोर कर रहा है।
ज्ञापन में यह मुद्दा उठाया गया कि प्रदेश में अब तक 374 राजसेस महाविद्यालय घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 260 कॉलेजों में एक भी स्थायी संकाय सदस्य नहीं है। महासंघ ने चिंता जताई कि हाल ही में जारी भर्ती कैलेंडर-2026 में इन कॉलेजों के लिए 5 साल के स्थाई वेतन पर संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो कि पूर्णतः अनुचित है।
महासंघ की प्रमुख माँगें:
1. संविदा टीचिंग एसोसिएट की चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2. राजसेस के संचालन के लिए गठित सोडाणी समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक कर तुरंत लागू किया जाए।
3. सभी 374 राजसेस महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सामान्य राजकीय महाविद्यालयों में बदला जाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महासंघ के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस संविदा भर्ती प्रक्रिया को नहीं रोका गया और कॉलेजों को सामान्य श्रेणी में नहीं लाया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय इकाई सचिव धीरज कुमार , प्राचार्य डाॅ. हीरा लाल, हितेन्द्र सिंह, डाॅ. रेणु कुमारी, राजेश कुमार मीणा, रोहिताश जाट, श्रीमती करिश्मा एवं राजेश कुमार अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे और काली पट्टी बांधकर अपना रोष व्यक्त किया।

