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बाली में सर्व विरति स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत पंचान्हिक महोत्सव का दिव्य आयोजन: 50 वर्ष दीक्षा के प्रवेश पर जैनाचार्य रत्नसेन सूरीश्वरजी के सान्निध्य में निकली भव्य शोभायात्रा
बाली। श्री ओसवाल जैन संघ बाली के तत्वाधान में आज से सर्व विरति स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत पंचान्हिक महोत्सव शुरू हुआ. यह आयोजन जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज के संयम जीवन के 50वें वर्ष में प्रवेश करने के निमित्त आयोजित किया जा रहा है.
महोत्सव का प्रारम्भ प्रताप चौक से एक भव्य शोभा यात्रा से हुआ मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र परमार ने बताया कि बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
शोभा यात्रा में शासन ध्वज,गुरु भगवंतों की तस्वीरें,झंकियों सहित मंगल वाद्य यंत्र शामिल थे, जिनके साथ संतों का जयघोष किया गया।
जगह-जगह गहुली कर साधू संतों आशीर्वाद लिया गया.
शोभा यात्रा के उपरांत स्थानीय जैन न्याती नोहरे में प्रवचन हुआ। प्रवचन में जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि 18 देशों के राजा कुमारपाल महाराज ने परमात्मा के पास कभी 18वें देश के राज्य-प्राप्ति की साधना नहीं की, बल्कि वे परमात्मा के पास नित्य अपने सांसारिक त्याग कर साधु जीवन प्राप्त करने की साधना करते थे।
उनके जैसी संयम जीवन की प्राप्ति की प्रार्थना हमारे जीवन में भी होनी चाहिए। मनुष्य जीवन केवल धन, सत्ता और भौतिक उपलब्धियों के लिए नहीं है, बल्कि संयम, तप और साधना के माध्यम से आत्मकल्याण करने के लिए है। उन्होंने जोर दिया कि राजा, उद्योगपति या बड़े पद प्राप्त करना जीवन की अंतिम सफलता नहीं, बल्कि धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्ची उपलब्धि है।
आचार्यश्री ने भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। आचार्यश्री ने बताया कि साधना से ही आत्मा का शुद्धिकरण संभव है और साधु-संतों का सान्निध्य मानव जीवन को नई दिशा प्रदान करता है।
शोभा यात्रा सहित धर्म सभा में बालीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित रहे। भव्य शोभायात्रा में श्री महावीर जैन नवयुवक मंडल संस्थान बाली एवं सहयोगी मंडल श्री बाली जैन मित्र मंडल मुंबई के सदस्य बंधुओं की सेवा रही। पांच दिवसीय समारोह में संपूर्ण व्यवस्था निमित श्री महावीर जैन नवयुवक मंडल संस्थान बाली की सेवा रहेगी।
कार्यक्रम में समिति के संघ अध्यक्ष बाबूलाल मंडलेशा, किरण चोपड़ा, भरत कोठारी, हेमराज परमार,महेंद्र राठौड़, सज्जन रांका एवं ट्रस्ट मंडल एवं समाज के सम्माननीय सदस्य बंधुओं माताओं बहनों की उपस्थिति रही पांच दिवसीय स्वर्ण महोत्सव कार्यक्रम में संगीतकार अनिल गेमावत की सेवा रहेगी

