110 की रफ्तार से दौड़ने लगीं समदड़ी-मोदरान के बीच ट्रेनें
PALI SIROHI ONLINE
110 की रफ्तार से दौड़ने लगीं समदड़ी-मोदरान के बीच ट्रेनें
-स्पीड अपग्रेड से समय की बचत
-सुरक्षा और संचालन क्षमता में भी बढ़ोतरी
जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल संचालन को अधिक तीव्र,सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जोधपुर मंडल के समदड़ी-मोदरान रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दी है। इस महत्वपूर्ण अपग्रेड से अब इस रूट पर रेल यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज,आरामदायक और समयबद्ध हो सकेगी।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड के अंतर्गत समदड़ी से मोदरान तक (किमी 0.00 से 93.690) इस गति वृद्धि को लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि रेलवे द्वारा किए गए व्यापक तकनीकी सुधारों का परिणाम है,जिसमें आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना,ट्रैक का सुदृढ़ीकरण,
विद्युतीकरण कार्य और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान रेलखंड पर विभिन्न स्थानों पर लागू अस्थाई एवं स्थाई गति प्रतिबंधों को भी हटाया गया है,जिससे अब ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू और निर्बाध रूप से संभव हो सकेगा। इसके साथ ही नई तकनीक से लैस अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली के कारण न केवल ट्रेनों की मूवमेंट अधिक व्यवस्थित हुई है,बल्कि संचालन की विश्वसनीयता और संरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
सुरक्षा व संरक्षा से कोई समझौता नही
डीआरएम के अनुसार,ट्रैक की गुणवत्ता में सुधार और नियमित मेंटेनेंस के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। यही कारण है कि इस रेलखंड पर गति बढ़ाने के बावजूद सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है।
डीआरएम के अनुसार इस स्पीड अपग्रेड का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की गति बढ़ने से यात्रा समय में कमी आएगी,जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही ट्रेन संचालन में समयपालन में भी सुधार होगा,जिससे यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सफर के दौरान बेहतर ट्रैक और उन्नत तकनीक के कारण झटकों में कमी आएगी और यात्रा अनुभव अधिक आरामदायक बनेगा।
रेल नेटवर्क को मिलेगा मजबूती
गति बढ़ने के साथ ही इस रेलखंड की लाइन क्षमता में भी वृद्धि हुई है,जिससे एक निश्चित समयावधि में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे न केवल यात्री ट्रेनों बल्कि मालगाड़ियों के संचालन को भी गति मिलेगी।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा किया गया यह स्पीड अपग्रेड रेलवे के निरंतर आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर रेलवे न केवल अपनी सेवा गुणवत्ता में सुधार कर रहा है,बल्कि यात्रियों को सुरक्षित,तेज और विश्वसनीय यात्रा अनुभव देने के अपने लक्ष्य की ओर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
