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तिथि संवत् : माघ, शुक्ल पक्ष पंचमी, शुक्रवार रात्रि 01:46 तक रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह सावान, तारीख 3, सूर्य उत्तरायण, शिशिर ऋतु, 23 जनवरी।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दोपहर02:33 तक, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। परिघ योग दोपहर बाद 03:59 तक, इसके बाद शिव योग रहेगा। बव करण दोपहर 02:07 तक, इसके बाद बालव करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30): सूर्य-मकर, चंद्र-कुंभ,मंगल-मकर, बुध-मकर, गुरु-मिथुन, शुक्र-मकर, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल :प्रातः 10:30 से 12:00 तक रहेगा।
दिशाशूल : पश्चिम दिशा यदि जरूरी हो तो इलायची खाकर यात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : बुध श्रवण में प्रातः 10:24, बसन्तपंचमी स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त, सरस्वती पूजन, श्री पंचमी पाटोत्सव राधा गोविन्द जी जयपुर, तक्षक पूजा, रतिकाम महोत्सव, बागीश्वरी जयंती व यात्रा दर्शन पूजा काशी, पंचक, नेताजी सुभाषचन्द्र जयंती, पराक्रम दिवस।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 07:20 से 08:40 तक चर का,प्रातः 08:40 से 11:18 तक लाभ व अमृत का, दोपहर 12:36 से 01:55 तक शुभ का, सायं 04:33 से 05:57 तक चर का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज बसंत पंचमी को सरस्वती पूजन केसाथ रति एवं कामदेव का पूजन करने से ज्ञान, सुख, सौभाग्य एवं दाम्पत्य सुख मिलता है। आज परिघ योग में जूते का दान करना शुभ फलदायी होता है। आज शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें, गरीब बच्चों को आइसक्रीम अथवा खीर खिलाएं। चिड़ियों को चावल का चुग्गा डालें तो शुक्रग्रह जनित पीड़ा दूर होती है।

