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पाली-पाली शहर में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने परंपरा के अनुसार दान-पुण्य किया। कहीं गायों को चारा खिलाया गया तो कहीं जरूरतमंदों को तिल से बने व्यंजन और अन्य सामग्री वितरित की गई।
महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां तुलसी की परिक्रमा की तथा 13 वस्तुओं के दान का संकल्प लिया। बाजारों में महिलाओं की खास चहल-पहल रही, जहां तेरुंदा, तिल के लड्डू और अन्य पारंपरिक व्यंजन खरीदे गए। घरों में तिल के व्यंजन और मक्की के बाकले बनाए गए, जिनका भगवान को भोग लगाया गया। सुबह-सुबह लोगों ने सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पर्व की शुरुआत की।
शहर के गीता भवन, सोमनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही। कई मोहल्लों और सड़कों के किनारे लोग गायों को चारा खिलाते नजर आए। महिलाओं ने दीप, ग्लास, लोटा, पर्स, साबुन, चप्पल और वस्त्र सहित अन्य सामग्री का दान किया।
दोपहर बाद चली हवा
सुबह के समय हवा की गति कम रहने से पतंग उड़ाने वालों को निराशा हुई, लेकिन दोपहर बाद हवा चलने से माहौल बदल गया। इसके बाद शहर की कई छतों पर युवा और बच्चे पतंग उड़ाते दिखाई दिए। शाम के समय छतों पर खासा उत्साह और भीड़ नजर आई।
सोशल मीडिया पर दिखा उत्साह
युवाओं ने पतंगबाजी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। कुछ स्थानों पर शाम के समय घरों की छतों पर डीजे भी लगाए गए, जिससे पर्व का उत्साह और बढ़ गया।

