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खीमाराम मेवाडा
मोदी सरकार देश की संपतियों ओर सम्पदाओ को पूंजीपतियों के पास गिरवी रखने का कार्य कर रही है – सत्यप्रकाश पटेल
सरकार तुरंत प्रभाव से अरावली क्षेत्र मे खनन को रोककर 2 दिसंबर को दिए गए खनन पट्टों को रद्द करें
तखतगढ 28 दिसम्बर (खीमाराम मेवाड) राष्ट्रीय कांग्रेस एवं प्रदेश कांग्रेस के निर्देश अनुसार जिला कांग्रेस कमेटी पाली के नेतृत्व मे अरावली बचाओ के जन जागरण रैली पाली शहर मे निकाली गई जिसमे कांग्रेस नेता सत्यप्रकाश पटेल सुमेरपुर भी शामिल हुए। उक्त मुद्दे पर सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि केंद्र सरकार ओर राज्य सरकार मिलकर सुप्रीम कोर्ट की आड़ मे देश ओर प्रदेश के लिए वरदान अरावली पर्वतमाला को माईनिंग के लिए खोलकर नष्ट कर देना चाहती है जिसके कारण परिभाषा मे यह दर्ज कर देना चाहती है कि 100 मीटर से नीचे की पर्वतमाला को अरावली नहीं माना जायेगा जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस परिभाषा से तो अरावली का 90% हिस्सा ख़त्म हों जायेगा ओर सारा अरावली माइनिंग के लिए खुल जायेगा जिसके परिणाम स्वरूप पूरी अरावली ख़त्म हों जाएगी।
इस निर्णय से मोदी सरकार केवल अपने पूंजीपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए कर रही है, सरकार को आम जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। ज़ब से केंद्र मे मोदी सरकार आयी है तभी से देश की सभी सम्पदा ओर देश का खजाना ओर आम लोगों के अधिकारों को पूंजीपतियों के पास गिरवी रख दिया है। पटेल ने बताया है कि राजस्थान के केवल पाली जिले से यह अरावली करीब 20 नदियों का उदगम स्थल है। जिससे यहाँ के सभी कुए, नलकूप, बावड़ीयाँ, तालाब, बांध रिचार्ज होते है। पाली जिले सबसे बड़ा बांध जवाई बांध भी इसी पर्वतमाला से रिचार्ज होता है। यहाँ से निकलने वाली नदियाँ पुरे मरू क्षेत्र को भी पीने का पानी प्रदान करती है।
अरावली पर्वतमाला दिल्ली, एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात के लिए कवच का काम करती है। पुरे रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकने का काम केवल अरावली ही कर रही है ओर यही नहीं रहेगी तो पूरा उतर भारत रेगिस्तान बन जायेगा। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री को आम जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं रहा है वो केवल अपने पूंजीपति दोस्तों के लिए काम कर रहें है।
पटेल ने कहा कि अरावली ख़त्म होने से जलवायु का संतुलन बिगड़ जायेगा, खेती के लिए पानी नहीं बचेगा ओर न ही खेती के लिए जमीन बचेगी। अरावली को तकनिकी परिभाषा के माध्यम से कमजोर करना आने वाली पीढ़ियों के साथ घोर अन्याय है। सत्यप्रकाश ने बताया कि सरकार के इस परिभाषा से पाली जिले स्थित परशुराम महादेव मंदिर, माउंट आबू सहित सैकड़ो मंदिरो को नुकसान पहुंचेगा जबकि मोदी सरकार केवल हिन्दुओं के नाम पर सत्ता मे आई है ओर अब केवल हिन्दुओं की सम्पदा को अपने दोस्तों के पास गिरवी रख कर हिन्दुओं को ख़त्म करने पर आमादा है, आज सरकार द्वारा दी गई इस परिभाषा से हिन्दुओं के मंदिरो, मठो ओर पर्वतो को भयंकर नुकसान होगा। हिन्दू धर्म मे पहाड़ को देव का रूप माना गया है क्योंकि इन पहाड़ो मे ही हिन्दू संतो ने अपनी तपस्याये की थी लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि आज यह सरकार इस प्रकार का काम कर रही है जिसके परिणामस्वरूप हिन्दू संस्कृति खतरे मे है। सरकार द्वारा दी गई नई परिभाषा न तो सविधान के अनुरूप है ओर न ही संस्कृति अनुसार ओर न ही मानवता के अनुसार है।
पटेल ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद है कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, एवं आगामी पीढ़ियों के संरक्षण हेतु इसमे हस्तक्षेप करेंगी। सरकार से निवेदन है कि तुरंत अरावली क्षेत्र मे खनन को रोका जाये एवं 2 दिसंबर को दिए गए खनन पट्टों को रद्द करें।

