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बाली (पाली): आदिवासी क्षेत्र में 90 मौतों की खबर को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने बताया भ्रामक, प्रसासको ने अफवाहों से बचने की अपील की
राजस्थान के पाली जिले के बाली उपखंड स्थित आदिवासी अंचल में पिछले कुछ दिनों ने 90 से अधिक लोगों की मौत की खबर प्रकाशित हुई जो चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब इन खबरों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जनप्रतिनिधियों ने इन आंकड़ों को पूरी तरह से गलत, निराधार और भ्रामक बताते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर 90 से अधिक मौतों की जो खबर चलाई जा रही है, उसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर क्षेत्र की जनता में बेवजह डर और दहशत का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने इसे आदिवासी क्षेत्र की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया है।
“मौसमी बीमारियों से नहीं हुई इतनी मौतें”
इस मामले पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी स्थिति स्पष्ट की है। चिकित्सा अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कहा कि क्षेत्र में मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) की स्थिति नियंत्रण में है और इन बीमारियों के कारण इतनी बड़ी संख्या में मौतों की खबर पूरी तरह गलत है।
अधिकारियों ने बताया कि, “मौसमी बीमारियों से मौत होने का दावा कर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह वास्तविकता से परे है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं और स्थिति की निगरानी रखी जा रही है।”
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
स्तगनिय प्रशासक और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अपुष्ट खबर या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाएं फैलाना दंडनीय अपराध है और समाज में अस्थिरता पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, बाली उपखंड के आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है।
बाली पंचायत समिति के उप प्रधान महावीर सिंह चौहान ने पत्र जारी कर बताया कि बाली ब्लॉक के आदिवासी क्षेत्र के ग्रामों में किसी भी प्रकार की मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ नहीं है तथा किसी भी व्यक्ति की मौसमी बीमारी के कारण मृत्यु नहीं हुई है उप प्रधान ने कहा कि क्षेत्र की चिकित्सा सुविधा निशुल्क रूप से मजबूती से जारी है वहीं भारला ग्राम में फैली बीमारी व मृत्यु की सूचना गलत है जिसका हम खंडन करते हैं

वहीं पंचायत समिति सदस्य कन्याकुमारी गरासिया खेतरली सरपंच प्रशासक भूराराम गरासिया बेरडी सरपंच प्रशासक प्यारी बाई गरासिया काक राड़ी प्रशासक राजाराम गरासिया भारला वार्ड पंच रावली बाई भीमाना प्रशासक गुजरी देवी गरासिया पीपला प्रशासक मंजू देवी गरासिया, कुंडाल प्रसासक तीजी बाई , रामपुरा सरपँच बाली ब्लॉक कॉग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कैलाश गरासिया ने भी मौसम बीमारियों से हो रही मौतों के संबंध में छपी खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि क्षेत्र में स्वाभाविक मृत्यु किसी प्रकार की नहीं हुई है










