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बागौड़ा-राज्य सरकार ने राजस्थान के सभी जिलों में पंचायत पुनर्गठन और नई पंचायतें बनाने की अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी है। इस पुनर्गठन के बाद पंचायत समितियों की लगभग हर पंचायत की सीमाओं में बदलाव हुआ है, जिसका स्थानीय राजनीति पर भी असर पड़ेगा।
नई पंचायतें बनने से सरपंचों, उपसरपंचों और वार्ड पंचों के पदों की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी। जितनी नई पंचायतें बनेंगी, उतने ही अधिक सरपंच और उपसरपंच चुने जाएंगे, जबकि वार्ड पंचों के पद भी हजारों में बढ़ेंगे। आगामी चुनाव इन्हीं पुनर्गठित पंचायतों के आधार पर होंगे।बागोड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, 12 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है, जिनमें 11 नए राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, पांच पुरानी ग्राम पंचायतों – जेतु, लूनावास, कावतरा, जेरण और राह -को भीनमाल पंचायत समिति में शामिल कर दिया गया है।
बागोड़ा पंचायत समिति में नवगठित ग्राम पंचायतें इस प्रकार हैं: दामन, मेड़ा पुरोहितान, लुंबाराम बाता की ढाणी, वाटेरा, पांडु नगर, बालाजी नगर, हापू की ढाणी, विरार नगर, देवदा का गोलियां, नई बाली और मामाजी नगर।
पुनर्गठन के बाद बागोड़ा पंचायत समिति की सीमाओं में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले यहां 28 ग्राम पंचायतें थीं, जिनमें से 5 को भीनमाल में जोड़ा गया। 12 नई ग्राम पंचायतों के गठन के साथ, अब बागोड़ा में कुल 34 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। राजस्व गांवों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
