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जोधपुर-मुंबई से जोधपुर आ रही सूर्यनगरी एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच में यात्रा कर रहे एक दंपती के सामान से बुधवार तड़के करीब 20 लाख रुपए का कीमती सामान चोरी हो गया। यह घटना पाली और लूणी रेलवे स्टेशन के बीच हुई।
चोरी हुए सामान में करीब 12 तोला सोना और हीरे के आभूषण, 1 लाख रुपए नकद और एक आईफोन शामिल हैं। पीड़ित दंपती ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जब उन्होंने चेन खींचकर ट्रेन रोकने की बात कही, तो टीटीई ने उन पर ही कार्रवाई करने की धमकी दी।
पीड़ित नरेंद्र जैन ने जीआरपी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया- मंगलवार दोपहर को बांद्रा टर्मिनल से सूर्यनगरी एक्सप्रेस में जोधपुर के लिए रवाना हुए थे। उन्हें जोधपुर में एक जैन मंदिर के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था।
फिर तीन दिन बालोतरा में एक शादी में शामिल होना था। ए-2 कोच में उनकी बर्थ नंबर 43 और 45 थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि पाली स्टेशन तक बैग उनके पास था, क्योंकि वे जागे हुए थे। लेकिन पाली से लूणी के बीच केवल 15 मिनट में बैग गायब हो गया।
संदिग्ध ने खुद को बताया अटेंडेंट
नरेंद्र जैन ने बताया कि चोरी से पहले उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा था। जैसे ही उन्हें बैग चोरी का पता चला, तो वे भागकर बाहर आए तो देखा कि गेट के पास एक व्यक्ति खड़ा था। वह जनरल टिकट पर सेकंड AC में घुसा हुआ था और खुद को अटेंडेंट बता रहा था। जब नरेंद्र जैन उसे पकड़कर टीसी के पास ले गए, तो उसने मना कर दिया कि वह अटेंडेंट नहीं है। पीड़ित ने टीसी से पुलिस बुलाने को कहा तो जवाब मिला कि कोई नहीं है।
बैग में था 20 लाख का सामान
चोरी हुए बैग में 12 तोला सोने के आभूषण, 1 लाख रुपए नकदी, आईफोन और कुछ हीरे के आभूषण थे। कुल मिलाकर करीब 20 लाख रुपए का सामान चोरी हुआ। नरेंद्र जैन ने बताया कि पूरी घटना महज 15 मिनट में हो गई। ट्रेन के जोधपुर पहुंचने के बाद उन्होंने चोरी की शिकायत दर्ज करवाई।
CCTV बंद, RPF का कोई जवान नहीं
पीड़ित की पत्नी दीपा मेहता ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि कोच में एक व्यक्ति बैठा था जो बाद में उतर भी गया। RPF का कोई जवान कोच में तैनात नहीं था। अटेंडेंट ने दावा किया कि गेट लॉक थे, लेकिन संदिग्ध व्यक्ति बाहर निकल गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जोधपुर पहुंचने पर ट्रेन की जांच में पता चला कि कोच के CCTV कैमरे बंद थे। दीपा मेहता ने कहा कि रेलवे कोच में सुरक्षा के दावे हवाई हैं और कोई पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
जीआरपी के हेड कॉन्स्टेबल परसराम ने बताया कि पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रहा है। चोरी हुए जेवरात और आरोपी की तलाश जारी है। हालांकि CCTV बंद होने से आरोपी की पहचान करना मुश्किल होगा।
