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सामुहिक विवाह पर सरकार दे रही संस्था व वधु को 25 हजार रूपये, न्युनतम 15 दिवस पूर्व ऑनलाईन आवेदन करना है अनिवार्य
पाली, 6 नवम्बर। राज्य सरकार के महिला अधिकारिता विभाग द्वारा विवाहों में होने वाले अपव्यय को कम करने एवं बाल विवाह को रोकने के लिए राज्य में सामुहिक विवाह के आयोजनो को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 संचालित की जा रही है।
जिसमें प्रति जोड़ा कुल 25 हजार रूपये की अनुदान राशि दी जाती है जिसमें संस्था को 4 हजार व वधु को 21 हजार रूपये दिये जाते है। योजनान्तर्गत सामुहिक विवाह का तात्पर्य एक ही स्थान पर एक ही समय में कम से कम 10 एवं अधिकतम 500 जोडो का विवाह करने से है। इस योजना के अंतर्गत अनुदान की इच्छुक संस्था द्वारा ऐसे आयोजन के कम से कम 15 दिवस पूर्व ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य है। ऑफलाईन आवेदन मान्य नहीं है। विभाग द्वारा पिछले वर्ष 215 जोड़ों और 14 संस्थाओं को अनुदान राशि का भुगतान किया गया एवं इस वर्ष 63 जोड़ों व 4 संस्थाओं के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
महिला अधिकारिता विभाग उप निदेशक भागीरथ चौधरी ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया के तहत योजना का लाभ लेने के लिए राजस्थान संस्था एक्ट, 1958 अथवा सोसायटी रजि. एक्ट 1860 अथवा आयकर अधिनियम 1961 अथवा राजस्थान लोक न्यास अधिनियम 1959 के अंतर्गत पंजीकृत किसी भी संस्था द्वारा अपने संस्था आधार नम्बर के माध्यम से राजस्थान सिंगल साईन ऑन आईडी पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। सर्वप्रथम आयोजक संस्था को पोर्टल पर साइन अप करना है।
लॉग-इन करने के पश्चात् मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 नामक एप्लिकेषन पर जाकर आयोजक संस्था को स्वयं के संस्था आधार नम्बर दर्ज करने होते है। यह ध्यान देने योग्य है कि आयोजक संस्था का अपना संस्था आधार नम्बर होना अनिवार्य है जिसे ई-मित्र/ऑनलाईन ही आसानी से बनाया जा सकता है। तत्पष्चात् सामुहिक विवाह आयोजन संबंधी समस्त आवष्यक सूचनाएं यथा विवाह दिनांक, स्थान, पुलिस व अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं वर-वधु की जानकारी भरनी होगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि संस्था द्वारा आवेदन को विवाह आयोजन दिनांक से न्युनतम 15 दिवस पूर्व ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से विभाग में सबमिट करना अनिवार्य है।
वर-वधुओं को आवश्यक दस्तावेज में जन आधार कार्ड की अनिवार्यता- राजस्थान राज्य की वधु के परिवार का जन आधार कार्ड का अंकन अनिवार्य है जिसमें वधू के स्वयं का बैंक खाता भी अंकित हो। अपवाद स्वरूप वधू किसी अन्य राज्य की होने पर ऐसे प्रकरण में वर के परिवार का जनाधार कार्ड का अंकन किया जायेगा। मूल-निवास प्रमाण पत्र में वर एवं वधु में से किसी एक का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र। आयु संबंधित प्रमाण-पत्र के लिए 10वीं मार्कषीट या जन्म प्रमाण-पत्र। फोटो पहचान-पत्र के लिए आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/ड्राईविंग लाईसंेस। वधु की खाता पासबुक की फोटोप्रति भी संलग्न करना आवश्यक है।
अनुदान के लिए प्रक्रिया के अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए आयोजक संस्था द्वारा विवाह आयोजन के 60 दिवस के भीतर समस्त विवाहित जोड़ों का विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से विभाग में सबमिट करना अनिवार्य है। उसके पश्चात अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। अधिक जानकारी के लिए विभाग के जिला कार्यालय में जाकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
