वरकाणा में श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित
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वरकाणा में श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय में भूमि पूजन
कार्यक्रम आयोजित
नगराज वैष्णव
रानी /वरकाणा संस्था के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक करोड़ के अनुदान से डिजिटल लाइब्रेरी एवं चार आधुनिक प्रयोगशालाओं के निर्माण हेतु भव्य भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लाभार्थी व मुख्य अतिथि रेखा कांतिलाल शाह (अन्सा ज्वेलर्स प्रा. लि.) सहित संस्थान के पदाधिकारी, संस्था सदस्य, गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के बैंड पार्टी एवं एनसीसी कैडेट्स के साथ भव्य स्वागत एवं आगमन से हुआ। तत्पश्चात
रेखा कांतिलाल शाह के करकमलों द्वारा विधिवत भूमि पूजन सम्पन्न कराया गया।
मनमोहक प्रस्तुतियां ने दशकों का मोहा मन
मंचीय कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कूतिक कार्यक्रमो पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान संस्था अध्यक्ष बाबूलाल मंडलेशा ने अपने उद्बोधन में संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे विकास कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रेखा कांतिलाल शाह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा संस्था के शताब्दी वर्ष में हम इसका हिस्सा बने यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम के दौरान रेखा कांतिलालजी शाह की वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही गौसेवा के अंतर्गत उनके द्वारा गायों को दो ट्रॉली चारा एवं गुड़ खिलाकर सेवा कार्य कर पुण्य कार्य किया गया। कार्यक्रम के अंत में सह सचिव महेंद्र घोका द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। अंत में प्रसाद स्वरूप लड्डू वितरण किया गया।
यह भी रहे मौजूद
इस अवसर पर अध्यक्ष बाबूलाल मंडलेशा, उपाध्यक्ष चांदमल हिंगड़, नरेश रांका, सह सचिव महेंद्र घोका, उमेश भंडारी, कोषाध्यक्ष संजय जैन, सुरेश शाह, दिनेश जैन, विकास जैन, ललित जैन, रमेश जैन, हरीश सुराणा, अशोक तापड़िया, विजय सुराणा, सुधीर जैन, नथमल गांधी, जुगराज पुनमिया, जगदीश मेहता, सिद्धराज लोढ़ा, अशोक पुनमिया, विक्रमसिंह, दिलीपसिंह, सुमेरसिंह, कांता धोका, मंजू भंडारी समेत बड़ी संख्या ग्रामीण मोजूद रहे।
